कोर्टिसोल क्यों है चिंता की वजह?
कोर्टिसोल शरीर में तनाव के समय रिलीज होता है। सीमित मात्रा में यह जरूरी है, लेकिन अगर इसका स्तर लंबे समय तक ज्यादा रहे तो चिड़चिड़ापन, नींद की परेशानी, एकाग्रता में कमी और इम्यून सिस्टम कमजोर होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए बच्चों के खानपान में ऐसे पोषक तत्व शामिल करना जरूरी है, जो तनाव को प्राकृतिक रूप से कम करने में मदद करें।
1. हरी पत्तेदार सब्जियां
पालक, मेथी और ब्रोकली जैसी सब्जियों में मैग्नीशियम भरपूर होता है, जो दिमाग को शांत रखने और कोर्टिसोल के स्तर को संतुलित करने में मदद करता है। इन्हें सूप, सब्जी या पराठे के रूप में बच्चों के डाइट में शामिल किया जा सकता है।
2. फल—खासकर साइट्रस और बेरी
संतरा, नींबू, स्ट्रॉबेरी और ब्लूबेरी जैसे फलों में विटामिन C की अच्छी मात्रा होती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, विटामिन C तनाव के दौरान बढ़े कोर्टिसोल को कम करने में सहायक माना जाता है।
3. दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स
दूध, दही और पनीर कैल्शियम और ट्रिप्टोफैन से भरपूर होते हैं, जो अच्छी नींद और रिलैक्सेशन में मदद करते हैं। अच्छी नींद सीधे तौर पर बच्चों के तनाव को कम करती है।
4. नट्स और बीज
बादाम, अखरोट, काजू और कद्दू के बीज ओमेगा-3 फैटी एसिड और मैग्नीशियम से भरपूर होते हैं। ये दिमाग के स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं और स्ट्रेस हार्मोन को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं।
5. साबुत अनाज
ओट्स, ब्राउन राइस और मल्टीग्रेन रोटी धीरे-धीरे ऊर्जा देते हैं, जिससे ब्लड शुगर स्थिर रहता है और मूड स्विंग्स कम होते हैं। यह भी कोर्टिसोल लेवल को संतुलित रखने में सहायक है।
डाइट के साथ ये बातें भी जरूरी
सिर्फ सही खाना ही काफी नहीं है। बच्चों के स्क्रीन टाइम पर लिमिट, रोज़ाना खेलने-कूदने का समय, पर्याप्त नींद और माता-पिता के साथ खुली बातचीत भी मानसिक तनाव को कम करने में बड़ी भूमिका निभाती है।
कुल मिलाकर, संतुलित डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत बनाया जा सकता है। छोटी-छोटी आदतें और सही फूड चॉइस बच्चों के कोर्टिसोल लेवल को काबू में रख सकती हैं और उन्हें खुशहाल बना सकती हैं।
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