Mental Health: रोजाना 1 घंटे की यह आदत डिप्रेशन का खतरा 40% तक घटा सकती है


 आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक स्वास्थ्य एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। लगातार उदासी रहना, किसी भी काम में मन न लगना, चिड़चिड़ापन, नींद या भूख में बदलाव, खुद को बेकार महसूस करना, थकान और फोकस की कमी—ये सभी डिप्रेशन के सामान्य संकेत हो सकते हैं। समय रहते इन लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी है, क्योंकि शुरुआती स्तर पर सही कदम उठाकर स्थिति को काफी हद तक संभाला जा सकता है।

क्या है ‘सीक्रेट फॉर्मूला’?

विशेषज्ञों के अनुसार, रोजाना कम से कम 1 घंटे की शारीरिक गतिविधि—जैसे तेज़ चाल से चलना, योग, साइक्लिंग या हल्की-फुल्की एक्सरसाइज—डिप्रेशन के खतरे को लगभग 40% तक कम कर सकती है। नियमित शारीरिक गतिविधि से शरीर में एंडॉर्फिन और सेरोटोनिन जैसे ‘फील-गुड’ हार्मोन का स्तर बढ़ता है, जो मूड को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।

क्यों असरदार है यह आदत?

1 घंटे की एक्सरसाइज से न केवल तनाव हार्मोन (कॉर्टिसोल) का स्तर घटता है, बल्कि नींद की गुणवत्ता भी सुधरती है। बेहतर नींद मानसिक संतुलन के लिए बेहद अहम है। इसके अलावा, नियमित शारीरिक गतिविधि से आत्मविश्वास बढ़ता है और व्यक्ति खुद को अधिक ऊर्जावान महसूस करता है।

सिर्फ एक्सरसाइज ही नहीं

मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए कुछ और आदतें भी जरूरी हैं:

  • रोजाना धूप में कुछ समय बिताना

  • परिवार और दोस्तों से खुलकर बात करना

  • सोशल मीडिया का सीमित उपयोग

  • संतुलित आहार लेना

  • स्क्रीन टाइम कम करना

कब लें विशेषज्ञ की मदद?

अगर उदासी दो हफ्तों से अधिक समय तक बनी रहे, आत्महत्या के विचार आएं या रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगें, तो तुरंत मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। पेशेवर मदद लेने में झिझक नहीं करनी चाहिए।

छोटी आदत, बड़ा बदलाव

रोजाना 1 घंटे की शारीरिक गतिविधि सुनने में छोटी लग सकती है, लेकिन इसका असर बेहद गहरा होता है। मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल भी उतनी ही जरूरी है जितनी शारीरिक सेहत की। सही समय पर सही कदम उठाकर डिप्रेशन के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है और जीवन को अधिक सकारात्मक दिशा दी जा सकती है।

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