Mahashivratri 2026: इस वर्ष महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाएगी। यह दिन भगवान शिव की आराधना, व्रत और जलाभिषेक के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि यदि अपनी राशि के अनुसार विशेष सामग्री से भोलेनाथ का अभिषेक किया जाए, तो ग्रह दोषों की शांति होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
नीचे जानें राशि अनुसार किस सामग्री से करें शिव अभिषेक—
मेष (Aries)
शहद और लाल चंदन मिश्रित जल से अभिषेक करें। इससे मंगल दोष शांत होता है।
वृषभ (Taurus)
कच्चे दूध में गंगाजल मिलाकर अभिषेक करें। आर्थिक स्थिरता और सुख-शांति के लिए शुभ।
मिथुन (Gemini)
बेलपत्र और दुग्ध से अभिषेक करें। बुद्धि और वाणी से जुड़े दोष दूर होते हैं।
कर्क (Cancer)
गंगाजल और सफेद चंदन से जलाभिषेक करें। चंद्र दोष शांत होता है।
सिंह (Leo)
गन्ने के रस या शहद से अभिषेक करें। सूर्य की कृपा और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
कन्या (Virgo)
दूध में हल्दी मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। बुध ग्रह से जुड़े दोष कम होते हैं।
तुला (Libra)
इत्र मिश्रित जल से अभिषेक करें। शुक्र की अशुभता दूर होती है।
वृश्चिक (Scorpio)
पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) से अभिषेक करें। मंगल और राहु दोष में लाभ।
धनु (Sagittarius)
केसर मिश्रित जल चढ़ाएं। गुरु की कृपा और भाग्य में वृद्धि होती है।
मकर (Capricorn)
तिल मिश्रित जल या काले तिल अर्पित करें। शनि दोष शांत होता है।
कुंभ (Aquarius)
सरसों का तेल दीपक जलाकर जलाभिषेक करें। शनि और राहु से राहत मिलती है।
मीन (Pisces)
गंगाजल में केसर मिलाकर अभिषेक करें। मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति होती है।
महाशिवरात्रि के दिन व्रत, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र जाप और रात्रि जागरण का विशेष महत्व है। श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और जीवन की बाधाएं दूर करते हैं।
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