मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का ग्रेटर नोएडा के एक अस्पताल में स्टेज-4 लिवर कैंसर के कारण निधन हो गया। यह खबर एक बार फिर लिवर कैंसर की गंभीरता और समय पर जांच की अहमियत को सामने लाती है। आइए समझते हैं कि लिवर कैंसर किस तरह स्टेज दर स्टेज बढ़ता है।
लिवर कैंसर क्या है?
लिवर कैंसर तब होता है जब यकृत (लीवर) की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं। इसका सबसे सामान्य प्रकार हेपेटोसेलुलर कार्सिनोमा (HCC) है।
मुख्य जोखिम कारक:
स्टेज 1: शुरुआती अवस्था
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ट्यूमर केवल लीवर तक सीमित रहता है।
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आमतौर पर लक्षण बहुत हल्के या न के बराबर होते हैं।
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कभी-कभी थकान, भूख कम लगना या हल्का दर्द महसूस हो सकता है।
इस स्टेज में सर्जरी या लोकल ट्रीटमेंट से इलाज की संभावना अधिक रहती है।
स्टेज 2: ट्यूमर का फैलाव शुरू
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ट्यूमर बड़ा हो सकता है या पास की रक्त वाहिकाओं तक पहुंच सकता है।
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पेट में दर्द, वजन घटना, उलझन या कमजोरी बढ़ सकती है।
इलाज संभव है, लेकिन जटिलता बढ़ जाती है।
स्टेज 3: क्षेत्रीय विस्तार
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कैंसर आसपास के ऊतकों या लिम्फ नोड्स तक फैल सकता है।
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पेट में सूजन, पीलिया (आंखों/त्वचा का पीला होना), गंभीर कमजोरी जैसे लक्षण दिख सकते हैं।
उपचार में सर्जरी, टार्गेटेड थेरेपी या अन्य एडवांस्ड विकल्प शामिल हो सकते हैं।
स्टेज 4: अंतिम अवस्था
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कैंसर लीवर से बाहर शरीर के अन्य हिस्सों (फेफड़े, हड्डियां आदि) तक फैल जाता है।
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इस अवस्था में इलाज का उद्देश्य अक्सर जीवन की गुणवत्ता सुधारना और लक्षणों को नियंत्रित करना होता है।
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जीवित रहने की संभावना काफी कम हो जाती है।
बचाव और जागरूकता क्यों जरूरी?
लिवर कैंसर अक्सर शुरुआती चरण में बिना लक्षण के बढ़ता है, इसलिए जोखिम वाले लोगों को नियमित जांच (अल्ट्रासाउंड, ब्लड टेस्ट) करानी चाहिए।
रिंकू सिंह के परिवार की यह दुखद घटना हमें याद दिलाती है कि गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूकता और समय पर जांच कितनी जरूरी है। शुरुआती पहचान ही जीवन बचाने की सबसे बड़ी कुंजी हो सकती है।
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