किशोरों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर बढ़ते दबाव के बीच
Meta Platforms ने इंस्टाग्राम पर एक नया ‘पैरेंट अलर्ट’ फीचर लॉन्च करने की घोषणा की है। इस अपडेट के तहत अगर कोई किशोर यूजर बार-बार आत्महत्या या आत्म-हानि (Self-harm) से जुड़े खतरनाक शब्द सर्च करता है, तो सीधे उसके माता-पिता के फोन पर अलर्ट भेजा जाएगा।
कैसे काम करेगा यह फीचर?
यह नया फीचर इंस्टाग्राम के ‘सुपरविजन टूल’ का हिस्सा है। इसके तहत:
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माता-पिता को पहले अपने किशोर के अकाउंट से सुपरविजन सेटअप करना होगा।
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एक बार कनेक्शन स्थापित होने के बाद, यदि बच्चा बार-बार संवेदनशील या खतरनाक कीवर्ड सर्च करता है, तो सिस्टम इसे फ्लैग करेगा।
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इसके बाद पैरेंट्स को रियल-टाइम नोटिफिकेशन या अलर्ट मिलेगा।
हालांकि, कंपनी का कहना है कि पेरेंट्स को पूरा सर्च इतिहास नहीं दिखेगा, बल्कि केवल संभावित जोखिम से जुड़ा अलर्ट मिलेगा। इससे प्राइवेसी और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई है।
क्यों लाया गया यह कदम?
हाल के वर्षों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। आत्म-हानि और डिप्रेशन से जुड़ी सामग्री की उपलब्धता को लेकर मेटा को कानूनी और सामाजिक आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। ऐसे में यह नया फीचर बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
क्या होंगे फायदे और चिंताएं?
फायदे:
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जोखिमपूर्ण व्यवहार का शुरुआती संकेत मिल सकेगा।
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माता-पिता समय रहते बातचीत और मदद की पहल कर सकेंगे।
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ऑनलाइन गतिविधियों पर बेहतर निगरानी संभव होगी।
चिंताएं:
डिजिटल सेफ्टी की ओर एक और कदम
इंस्टाग्राम का यह अपडेट बताता है कि टेक कंपनियां अब किशोर सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्क हो रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी उपायों के साथ-साथ माता-पिता और बच्चों के बीच खुली बातचीत भी उतनी ही जरूरी है।
यह नया फीचर ऑनलाइन सुरक्षा के प्रयासों को मजबूत कर सकता है, बशर्ते इसे जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ इस्तेमाल किया जाए।
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