यह वाकया उस समय देखने को मिला जब प्रधानमंत्री संसद भवन की ओर बढ़ रहे थे। मीडिया प्रतिनिधियों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर बधाई दी, जिस पर पीएम मोदी ने सहज और आत्मविश्वास से भरे अंदाज में धन्यवाद कहकर अपनी प्रतिक्रिया दी। इसे इस समझौते पर उनकी पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता हाल के वर्षों में दोनों देशों के रिश्तों में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। इस डील के तहत भारत अब अमेरिका के साथ व्यापार में कम टैरिफ देने वाले देशों की श्रेणी में आ गया है। मौजूदा व्यवस्था में भारत पर औसतन 18 प्रतिशत टैरिफ लागू होगा, जो चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों से कम है। इससे भारत को अमेरिकी बाजार में सीधा और व्यावहारिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि इस समझौते से भारतीय निर्यात को नई रफ्तार मिलेगी। खासकर टेक्सटाइल, फार्मा, आईटी, ऑटो कंपोनेंट्स और कृषि उत्पादों के लिए अमेरिकी बाजार में अवसर बढ़ेंगे। इसके साथ-साथ अमेरिकी कंपनियों का भरोसा भारत पर और मजबूत होगा, जिससे निवेश और रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं।
राजनीतिक हलकों में पीएम मोदी की प्रतिक्रिया को भी अहम माना जा रहा है। एनडीए संसदीय दल की बैठक के ठीक पहले दिया गया यह संदेश सरकार के आत्मविश्वास को दर्शाता है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सरकार संसद के भीतर और बाहर इस व्यापार समझौते के फायदे विस्तार से रखेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह डील केवल आर्थिक नहीं, बल्कि रणनीतिक रूप से भी भारत के लिए फायदेमंद है। अमेरिका के साथ मजबूत व्यापारिक रिश्ते भारत की वैश्विक स्थिति को मजबूत करते हैं और ‘चीन प्लस वन’ रणनीति के तहत भारत को एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में स्थापित करते हैं।
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी की यह छोटी-सी प्रतिक्रिया भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की बड़ी सफलता की ओर इशारा करती है। आने वाले समय में इसका असर न सिर्फ व्यापार और निवेश पर, बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि पर भी साफ तौर पर देखने को मिल सकता है।
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