India AI Impact Summit के Odisha Pavilion में दिखा संस्कृति और टेक्नोलॉजी का संगम


 देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बढ़ती संभावनाओं के बीच आयोजित India AI Impact Summit में इस बार ओडिशा का पैवेलियन खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां पारंपरिक कला, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक टेक्नोलॉजी का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। ओडिशा सरकार ने एआई सेक्टर में बड़े निवेश और नई नीतियों के जरिए राज्य को टेक्नोलॉजी हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाए हैं।

एआई में ओडिशा की बड़ी पहल

ओडिशा सरकार ने स्टार्टअप्स, स्किल डेवलपमेंट और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दिया है। राज्य में एआई रिसर्च, डेटा एनालिटिक्स और इनोवेशन लैब्स को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं। पैवेलियन में इन पहलों को इंटरैक्टिव डिस्प्ले, लाइव डेमो और डिजिटल प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रदर्शित किया जा रहा है।

कला और संस्कृति के साथ तकनीक

ओडिशा अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। पैवेलियन में पारंपरिक हस्तशिल्प, पत्ताचित्र कला और शास्त्रीय नृत्य की झलक को डिजिटल माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। विजिटर्स को यह दिखाया जा रहा है कि कैसे एआई और डिजिटल टेक्नोलॉजी की मदद से पारंपरिक कला को संरक्षित और वैश्विक स्तर पर प्रमोट किया जा सकता है।

युवाओं और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन

राज्य सरकार युवाओं को एआई आधारित स्टार्टअप्स शुरू करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम और इंडस्ट्री पार्टनरशिप के जरिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। पैवेलियन में कई सफल स्टार्टअप्स की कहानियां भी साझा की जा रही हैं, जिन्होंने एआई के जरिए हेल्थ, एजुकेशन और एग्रीकल्चर जैसे क्षेत्रों में बदलाव लाया है।

भविष्य की ओर बढ़ता ओडिशा

ओडिशा का यह पैवेलियन सिर्फ प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक विजन भी पेश करता है—जहां परंपरा और तकनीक साथ-साथ आगे बढ़ें। एआई के क्षेत्र में बढ़ते निवेश और नवाचार के जरिए राज्य आने वाले समय में डिजिटल इंडिया मिशन को और मजबूत करने की दिशा में अग्रसर है।

इस तरह India AI Impact Summit में ओडिशा ने यह साबित कर दिया है कि संस्कृति और तकनीक का संतुलित मेल ही भविष्य की असली पहचान है।

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