मौसम बदलते ही छोटे बच्चों में सर्दी-जुकाम और बुखार की समस्या आम हो जाती है। खासतौर पर टॉडलर्स (1–3 साल के बच्चे) का इम्यून सिस्टम पूरी तरह मजबूत नहीं होता, इसलिए वे जल्दी संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं। बाल रोग विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में बच्चों की ज्यादातर समस्याएं लापरवाही या छोटी-छोटी गलतियों की वजह से बढ़ जाती हैं।
आइए जानते हैं किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
क्यों जल्दी बीमार पड़ते हैं छोटे बच्चे?
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इम्यूनिटी कमजोर होना
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मौसम में अचानक बदलाव
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पसीने के बाद ठंडी हवा लगना
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गीले कपड़ों में देर तक रहना
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संक्रमित बच्चों के संपर्क में आना
डॉक्टरों का कहना है कि अक्सर माता-पिता मौसम के अनुसार कपड़े या खानपान में सही बदलाव नहीं करते, जिससे समस्या बढ़ जाती है।
बुखार या सर्दी होने पर क्या करें?
बच्चे को आराम दें – ज्यादा एक्टिविटी से बचाएं।
हल्के और आरामदायक कपड़े पहनाएं – जरूरत से ज्यादा गर्म कपड़े न पहनाएं।
गुनगुना पानी दें – शरीर हाइड्रेट रखना जरूरी है।
स्टीम (भाप) दिलाएं – नाक बंद होने पर राहत मिलती है।
डॉक्टर की सलाह से दवा दें – खुद से एंटीबायोटिक न दें।
कब तुरंत डॉक्टर को दिखाएं?
ऐसी स्थिति में देरी न करें।
पेरेंट्स की आम गलतियां
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हल्का बुखार होते ही घबराकर तेज दवा देना
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बच्चे को ज्यादा लपेट देना
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बार-बार ठंडा-गर्म वातावरण में ले जाना
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डॉक्टर से सलाह लिए बिना घरेलू नुस्खों का अत्यधिक प्रयोग
कैसे रखें बच्चे को सुरक्षित?
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मौसम के अनुसार लेयरिंग कपड़े पहनाएं
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हाथों की सफाई का ध्यान रखें
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बाहर से आने के बाद कपड़े बदलें
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संतुलित आहार और पर्याप्त नींद दें
निष्कर्ष
बदलते मौसम में बच्चों को सर्दी-जुकाम होना सामान्य है, लेकिन सही देखभाल से इसे जल्दी ठीक किया जा सकता है। घबराने के बजाय सतर्क रहें और जरूरत पड़ने पर बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। छोटी सावधानियां आपके बच्चे को बड़ी परेशानी से बचा सकती हैं।
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