Droupadi Murmu ने ‘प्रचंड’ हेलीकॉप्टर में उड़ान भर रचा इतिहास


 राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को भारतीय वायुसेना के स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया। वह इस उन्नत हेलीकॉप्टर में सह-पायलट के रूप में सवार हुईं और भारत-पाकिस्तान सीमा के पास आयोजित वायुसेना के महत्वपूर्ण अभ्यास का अवलोकन भी किया। देश की सर्वोच्च संवैधानिक पदाधिकारी द्वारा इस तरह की सक्रिय भागीदारी न केवल सशस्त्र बलों का मनोबल बढ़ाती है, बल्कि स्वदेशी रक्षा तकनीक के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

‘प्रचंड’ हेलीकॉप्टर, जिसे औपचारिक रूप से लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) कहा जाता है, पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित किया गया है। इसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी प्रभावी ढंग से संचालन के लिए तैयार किया गया है, जिससे यह दुर्गम सीमावर्ती इलाकों में विशेष रूप से उपयोगी साबित होता है। राष्ट्रपति की यह उड़ान भारत की रक्षा क्षमताओं और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का प्रतीक मानी जा रही है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने उड़ान के बाद वायुसेना के जवानों और अधिकारियों से बातचीत भी की। उन्होंने देश की सीमाओं की सुरक्षा में उनकी प्रतिबद्धता और साहस की सराहना की। भारत-पाकिस्तान सीमा पर चल रहे ‘वायु शक्ति’ अभ्यास के दौरान उन्होंने आधुनिक हथियार प्रणालियों, हवाई युद्धक रणनीतियों और सटीक हमले की क्षमताओं का प्रदर्शन देखा। यह अभ्यास भारतीय वायुसेना की तैयारियों और सामरिक दक्षता का महत्वपूर्ण प्रदर्शन है।

गौरतलब है कि अक्तूबर 2022 में Rajnath Singh ने जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर ‘प्रचंड’ के भारतीय वायुसेना में औपचारिक शामिल होने के अवसर पर इसी हेलीकॉप्टर में उड़ान भरी थी। उस समय इसे देश की रक्षा शक्ति में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया गया था। अब राष्ट्रपति मुर्मू की उड़ान ने इस उपलब्धि को और भी विशेष बना दिया है।

राष्ट्रपति का यह कदम भारतीय वायुसेना के प्रति उनके विश्वास और समर्थन को दर्शाता है। साथ ही यह संदेश भी देता है कि भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा और रक्षा आधुनिकीकरण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक प्रेरणादायक क्षण है, जो देश के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और सैनिकों के संयुक्त प्रयासों को सम्मानित करता है।

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