सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा ‘ChiChi Call’ वायरल वीडियो स्कैम लोगों के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, यह नया फ्रॉड यूजर्स की जिज्ञासा का फायदा उठाकर उन्हें फर्जी लिंक पर क्लिक करने के लिए उकसाता है। जैसे ही कोई व्यक्ति उस लिंक पर क्लिक करता है, उसका फोन हैक होने या निजी डेटा चोरी होने का जोखिम बढ़ जाता है।
कैसे काम करता है यह स्कैम?
साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह के स्कैम में SEO पॉयजनिंग और फिशिंग पेज का इस्तेमाल किया जाता है।
-
SEO पॉयजनिंग: हैकर्स सर्च इंजन के नतीजों में फर्जी वेबसाइट को ऊपर लाने के लिए चालाकी से कीवर्ड और ट्रेंडिंग टॉपिक्स का इस्तेमाल करते हैं।
-
फिशिंग पेज: ये नकली वेबसाइटें असली प्लेटफॉर्म जैसी दिखती हैं, जहां यूजर से लॉगिन डिटेल, OTP या अन्य निजी जानकारी मांगी जाती है।
एक बार जानकारी दर्ज करते ही साइबर अपराधी यूजर के अकाउंट तक पहुंच बना लेते हैं। कई मामलों में लिंक पर क्लिक करते ही डिवाइस में मैलवेयर इंस्टॉल हो सकता है, जो बैंकिंग डिटेल, पासवर्ड और कॉन्टैक्ट लिस्ट चुरा सकता है।
सोशल मीडिया बना मुख्य जरिया
यह स्कैम खासतौर पर मैसेजिंग ऐप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए फैल रहा है। यूजर्स को “वायरल वीडियो देखें” या “आपका वीडियो लीक हो गया” जैसे भ्रामक संदेश भेजे जाते हैं। डर या उत्सुकता में लोग बिना जांचे-परखे लिंक खोल लेते हैं।
क्या खतरे हो सकते हैं?
-
बैंक अकाउंट से पैसे की चोरी
-
सोशल मीडिया अकाउंट हैक
-
निजी फोटो/वीडियो लीक
-
पहचान की चोरी (Identity Theft)
-
फोन की पूरी एक्सेस साइबर अपराधियों के हाथ में जाना
कैसे बचें?
-
अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
-
किसी भी वेबसाइट पर अपनी निजी जानकारी या OTP साझा न करें।
-
फोन में एंटीवायरस और सिक्योरिटी अपडेट नियमित रूप से इंस्टॉल रखें।
-
टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) चालू रखें।
-
संदिग्ध संदेश मिलने पर तुरंत डिलीट करें और रिपोर्ट करें।
‘ChiChi Call’ जैसे स्कैम यह दिखाते हैं कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं। सिर्फ एक क्लिक आपकी डिजिटल सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है। जागरूकता और सावधानी ही इस तरह के साइबर फ्रॉड से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।
0 टिप्पणियाँ