Brisk Walk: मानसिक तनाव का रामबाण इलाज है ब्रिस्क वॉक, एक्सपर्ट्स का बड़ा दावा


 लंबा, स्वस्थ और तनावमुक्त जीवन जीने के लिए शरीर को एक्टिव रखना बेहद जरूरी माना जाता है। फिटनेस एक्सपर्ट्स और हेल्थ स्पेशलिस्ट्स का कहना है कि अगर आप रोज़ाना ब्रिस्क वॉक यानी तेज़ चाल से चलने की आदत बना लें, तो यह न सिर्फ शरीर बल्कि दिमाग के लिए भी किसी रामबाण इलाज से कम नहीं है। खासतौर पर मानसिक तनाव, चिंता और थकान से जूझ रहे लोगों के लिए ब्रिस्क वॉक बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ब्रिस्क वॉक के दौरान दिल की धड़कन सामान्य से थोड़ी तेज़ हो जाती है, जिससे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। इसका सीधा असर दिमाग पर पड़ता है और एंडोर्फिन जैसे “फील गुड हार्मोन” रिलीज होते हैं। यही हार्मोन तनाव कम करने, मूड बेहतर बनाने और नेगेटिव सोच को दूर करने में मदद करते हैं।

मानसिक स्वास्थ्य के लिए क्यों जरूरी है ब्रिस्क वॉक?
ब्रिस्क वॉक से तनाव हार्मोन कोर्टिसोल का स्तर घटता है। इससे एंग्जायटी और बेचैनी में कमी आती है। कई अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि जो लोग नियमित रूप से तेज़ चाल से चलते हैं, उनमें डिप्रेशन के लक्षण कम देखने को मिलते हैं और नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है।

शरीर को कैसे रखती है पूरी तरह एक्टिव?
ब्रिस्क वॉक पूरे शरीर की एक्सरसाइज मानी जाती है। इससे हार्ट हेल्थ सुधरती है, वजन कंट्रोल में रहता है और मेटाबॉलिज्म तेज़ होता है। इसके अलावा, यह डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं के जोखिम को भी कम कर सकती है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसके लिए किसी जिम या महंगे उपकरण की जरूरत नहीं होती।

कितनी देर और कैसे करें ब्रिस्क वॉक?
एक्सपर्ट्स की सलाह है कि रोज़ाना कम से कम 30 मिनट ब्रिस्क वॉक करनी चाहिए। चलते समय सांस थोड़ी तेज़ हो, लेकिन आप बात कर सकें—यही सही ब्रिस्क वॉक का संकेत है। सुबह की खुली हवा में या शाम को काम के बाद की गई वॉक दोनों ही फायदेमंद होती हैं।

छोटी आदत, बड़ा फायदा
ब्रिस्क वॉक को अगर आप रोज़मर्रा की आदत बना लें, तो यह मानसिक तनाव को कम करने के साथ-साथ आपकी ओवरऑल सेहत में भी बड़ा सुधार ला सकती है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि फिट और खुशहाल जीवन के लिए ब्रिस्क वॉक सबसे आसान और असरदार उपायों में से एक है।

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