पावरप्ले में ‘पावर’ गायब!: टीम इंडिया की ओपनिंग जोड़ी क्यों हो रही फेल?


 टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम की सबसे बड़ी चिंता उसकी ओपनिंग साझेदारी बन गई है। पांच मैचों में सलामी बल्लेबाज मिलकर सिर्फ 34 रन जोड़ पाए हैं, जो किसी भी बड़े टूर्नामेंट में बेहद निराशाजनक आंकड़ा है। पावरप्ले, जिसे रन बटोरने का सुनहरा मौका माना जाता है, वहीं टीम इंडिया की कमजोरी बनता जा रहा है।

ईशान–अभिषेक की जोड़ी क्यों नहीं चल पा रही?

Ishan Kishan और Abhishek Sharma से तेज और आक्रामक शुरुआत की उम्मीद थी, लेकिन दोनों बल्लेबाज लय पकड़ने में नाकाम रहे हैं। शुरुआती ओवरों में विकेट गिरने से मध्यक्रम पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है। टी20 जैसे छोटे फॉर्मेट में पावरप्ले में 40-50 रन की मजबूत नींव जरूरी होती है, जो भारत को नहीं मिल पा रही।

तकनीकी और मानसिक दबाव

विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों बल्लेबाजों की शॉट चयन में जल्दबाजी दिख रही है। नई गेंद के खिलाफ धैर्य की कमी और जोखिम भरे शॉट्स टीम को भारी पड़ रहे हैं। साथ ही बड़े टूर्नामेंट का दबाव भी प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है।

दाएं-बाएं संयोजन का असंतुलन

टीम मैनेजमेंट ने दाएं-बाएं बल्लेबाजों के संयोजन को रणनीतिक रूप से अपनाने की कोशिश की, लेकिन लगातार बदलाव से स्थिरता नहीं बन पाई। प्लेइंग-11 में फेरबदल के कारण बल्लेबाजों को स्पष्ट भूमिका नहीं मिल रही, जिससे तालमेल प्रभावित हो रहा है।

पावरप्ले रणनीति पर सवाल

भारत की रणनीति आक्रामक शुरुआत की रही है, लेकिन जब शुरुआती विकेट जल्दी गिरते हैं तो पूरी योजना बिखर जाती है। विरोधी टीमें नई गेंद से सटीक लाइन-लेंथ और स्विंग का फायदा उठा रही हैं, जबकि भारतीय बल्लेबाज परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने में संघर्ष कर रहे हैं।

आगे क्या हो सकता है?

टीम को स्थिर ओपनिंग जोड़ी पर भरोसा जताने की जरूरत है। शुरुआती ओवरों में संयम और समझदारी से खेलना जरूरी है, ताकि मध्यक्रम को मजबूत आधार मिल सके। यदि पावरप्ले में रन नहीं आएंगे, तो बड़े स्कोर बनाना या लक्ष्य का पीछा करना लगातार चुनौतीपूर्ण रहेगा।

कुल मिलाकर, टीम इंडिया की मौजूदा समस्या केवल आंकड़ों की नहीं, बल्कि रणनीतिक स्पष्टता और संतुलन की भी है। यदि ओपनिंग जोड़ी जल्द फॉर्म में नहीं लौटी, तो टूर्नामेंट में आगे की राह और मुश्किल हो सकती है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ