दिल से जुड़ी बीमारियों की पहचान के लिए डॉक्टर कई तरह के टेस्ट करवाते हैं। इनमें से एक अहम जांच है टीएमटी (TMT) टेस्ट, जिसे ट्रेडमिल स्ट्रेस टेस्ट भी कहा जाता है। यह टेस्ट यह जानने के लिए किया जाता है कि शारीरिक मेहनत या स्ट्रेस के दौरान आपका दिल कैसे काम करता है।
टीएमटी टेस्ट क्या होता है?
टीएमटी में मरीज को ट्रेडमिल पर चलाया या हल्का दौड़ाया जाता है। इस दौरान:
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हार्ट रेट (धड़कन)
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ब्लड प्रेशर
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ईसीजी (ECG) पैटर्न
को लगातार मॉनिटर किया जाता है।
जैसे-जैसे ट्रेडमिल की स्पीड और ढलान बढ़ती है, दिल पर दबाव बढ़ता है। डॉक्टर देखते हैं कि इस बढ़े हुए दबाव में दिल सामान्य तरीके से काम कर रहा है या नहीं।
कब पड़ती है टीएमटी की जरूरत?
डॉक्टर आमतौर पर ये टेस्ट तब सलाह देते हैं जब:
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सीने में दर्द या जकड़न हो
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सांस फूलने की समस्या हो
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हार्ट डिजीज का पारिवारिक इतिहास हो
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हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या हाई कोलेस्ट्रॉल हो
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पहले से हृदय रोग की आशंका हो
यह टेस्ट खासकर कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD) की पहचान में मदद करता है।
टीएमटी पॉजिटिव का क्या मतलब?
अगर टीएमटी टेस्ट पॉजिटिव आता है, तो इसका संकेत हो सकता है कि:
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हृदय की मांसपेशियों तक पर्याप्त रक्त नहीं पहुंच रहा
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दिल की धमनियों में ब्लॉकेज हो सकता है
ऐसी स्थिति में डॉक्टर आगे की जांच जैसे एंजियोग्राफी या अन्य इमेजिंग टेस्ट की सलाह दे सकते हैं।
क्या यह टेस्ट सुरक्षित है?
अधिकांश लोगों के लिए टीएमटी टेस्ट सुरक्षित होता है, लेकिन:
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गंभीर हार्ट पेशेंट
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हाल ही में हार्ट अटैक झेल चुके मरीज
के लिए यह टेस्ट सावधानी से किया जाता है या टाला जा सकता है।
टेस्ट से पहले क्या करें?
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हल्का भोजन करें
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आरामदायक कपड़े और जूते पहनें
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डॉक्टर को अपनी दवाइयों की जानकारी दें
निष्कर्ष
टीएमटी टेस्ट हृदय की कार्यक्षमता को समझने का एक अहम और प्रभावी तरीका है। यह बताता है कि आपका दिल मेहनत के दौरान कितना स्वस्थ है। अगर आपको सीने में दर्द, सांस की तकलीफ या हार्ट से जुड़ी अन्य शिकायतें हैं, तो डॉक्टर की सलाह से यह टेस्ट करवाना फायदेमंद हो सकता है।
दिल की सेहत को हल्के में न लें—समय पर जांच और सही जीवनशैली ही सबसे बड़ा बचाव है।
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