पानी के अंदर भी सुरक्षित रहता है फोन, जानिए कैसे होती है वाटरप्रूफिंग

आजकल कई स्मार्टफोन कंपनियां अपने डिवाइस को वाटर-रेजिस्टेंट फीचर के साथ बाजार में उतार रही हैं। हल्की बारिश, पानी के छींटे या कुछ समय के लिए पानी में गिर जाने के बाद भी फोन काम करता रहता है। यह किसी जादू का परिणाम नहीं, बल्कि एडवांस इंजीनियरिंग, माइक्रो-सीलिंग और मल्टी-लेयर प्रोटेक्शन का नतीजा है।

 IP रेटिंग क्या होती है?

स्मार्टफोन की वाटरप्रूफिंग को आमतौर पर IP रेटिंग से मापा जाता है। यह रेटिंग International Electrotechnical Commission (IEC) द्वारा तय मानकों पर आधारित होती है।

  • IP67: धूल से पूरी तरह सुरक्षित और लगभग 1 मीटर गहरे पानी में 30 मिनट तक सुरक्षित।

  • IP68: धूल से पूरी सुरक्षा और इससे ज्यादा गहराई में भी सीमित समय तक सुरक्षित।

 पोर्ट्स और बटन की सीलिंग

फोन के सबसे संवेदनशील हिस्से होते हैं—चार्जिंग पोर्ट, हेडफोन जैक (अगर हो), स्पीकर ग्रिल और सिम ट्रे।

  • इन जगहों पर रबर गैस्केट और माइक्रो-सील लगाए जाते हैं।

  • सिम ट्रे में सिलिकॉन रिंग होती है जो पानी को अंदर जाने से रोकती है।

  • बटन के नीचे भी प्रोटेक्टिव मेम्ब्रेन लगाया जाता है।

 स्पीकर और माइक्रोफोन की सुरक्षा

स्पीकर और माइक्रोफोन पूरी तरह बंद नहीं किए जा सकते, क्योंकि आवाज अंदर-बाहर जानी जरूरी है। इसलिए यहां वॉटर-रेपेलेंट मेम्ब्रेन का इस्तेमाल होता है। यह पतली परत हवा और ध्वनि को गुजरने देती है, लेकिन पानी की बूंदों को रोक देती है।

 अंदरूनी कोटिंग

कई कंपनियां फोन के सर्किट बोर्ड पर नैनो-कोटिंग करती हैं। यह एक बेहद पतली जलरोधी परत होती है, जो नमी से इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स को बचाती है। अगर थोड़ी-बहुत नमी अंदर पहुंच भी जाए, तो यह परत शॉर्ट सर्किट से सुरक्षा देती है।

 ध्यान रखें ये बातें

  • वाटर-रेजिस्टेंट का मतलब पूरी तरह वाटरप्रूफ नहीं होता।

  • खारे पानी (समुद्र) या क्लोरीन वाले पानी (स्विमिंग पूल) से नुकसान हो सकता है।

  • समय के साथ रबर सील कमजोर हो सकती हैं।

  • ज्यादातर कंपनियां पानी से हुए नुकसान को वारंटी में कवर नहीं करतीं।

 निष्कर्ष

स्मार्टफोन की वाटरप्रूफिंग उन्नत डिजाइन, सटीक फिटिंग और खास सुरक्षा लेयर का परिणाम है। पोर्ट्स, स्पीकर्स और सिम ट्रे के पीछे छिपी इंजीनियरिंग ही फोन को पानी की बूंदों से बचाती है। हालांकि यह सुविधा सुरक्षा देती है, फिर भी फोन को अनावश्यक रूप से पानी में डालना समझदारी नहीं है।

 

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