बच्चों में कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं? जानें पहचान और सबसे आम प्रकार


 दुनियाभर में बच्चों में कैंसर के मामले चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। World Health Organization (WHO) के अनुसार, हर साल 0–19 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 4 लाख बच्चों और किशोरों में कैंसर का निदान होता है। अच्छी खबर यह है कि समय पर पहचान और इलाज से कई मामलों में बेहतर परिणाम संभव हैं। इसलिए शुरुआती लक्षणों को समझना बेहद जरूरी है।

 बच्चों में कैंसर के शुरुआती लक्षण

बच्चों में कैंसर के लक्षण अक्सर सामान्य बीमारियों जैसे लग सकते हैं, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है:

  • लगातार बुखार जो लंबे समय तक ठीक न हो

  • अचानक वजन कम होना या भूख न लगना

  • बार-बार थकान या कमजोरी

  • हड्डियों या जोड़ों में लगातार दर्द

  • शरीर पर बिना कारण सूजन या गांठ

  • बार-बार संक्रमण होना

  • असामान्य खून बहना या चोट के निशान

  • लगातार सिरदर्द या उल्टी (खासकर सुबह)

  • आंखों या दृष्टि में बदलाव

अगर ये लक्षण 2–3 हफ्तों से ज्यादा समय तक बने रहें, तो बाल रोग विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है।

 बच्चों में सबसे ज्यादा होने वाले कैंसर

  1. ल्यूकेमिया (Leukemia)
    यह बच्चों में सबसे आम कैंसर है। इसमें ब्लड और बोन मैरो प्रभावित होते हैं। लक्षणों में बुखार, कमजोरी और बार-बार संक्रमण शामिल हैं।

  2. ब्रेन ट्यूमर (Brain Tumor)
    लगातार सिरदर्द, उल्टी और संतुलन में दिक्कत इसके संकेत हो सकते हैं।

  3. लिम्फोमा (Lymphoma)
    यह लसीका तंत्र (Lymphatic system) को प्रभावित करता है। गर्दन, बगल या जांघ में सूजन इसके सामान्य लक्षण हैं।

  4. न्यूरोब्लास्टोमा (Neuroblastoma)
    यह छोटे बच्चों में अधिक पाया जाता है और पेट में सूजन या गांठ के रूप में दिख सकता है।

  5. विल्म्स ट्यूमर (Wilms Tumor)
    यह किडनी से जुड़ा कैंसर है, जो आमतौर पर 3–4 साल के बच्चों में पाया जाता है।

 समय पर पहचान क्यों जरूरी?

बच्चों में कैंसर का इलाज वयस्कों की तुलना में अक्सर बेहतर परिणाम दे सकता है, बशर्ते समय रहते निदान हो जाए। कीमोथेरेपी, सर्जरी और रेडिएशन थेरेपी जैसी आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों से कई प्रकार के कैंसर का सफल इलाज संभव है।

 ध्यान रखें

  • हर लक्षण कैंसर का संकेत नहीं होता, लेकिन लंबे समय तक बने रहने वाले लक्षणों को नजरअंदाज न करें।

  • नियमित हेल्थ चेकअप और जागरूकता सबसे बड़ी सुरक्षा है।

समय पर पहचान, सही इलाज और परिवार का सहयोग—ये तीनों मिलकर बच्चों को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ने की ताकत देते हैं।

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