महिलाओं में सिर्फ स्तन कैंसर ही नहीं, ओवेरियन कैंसर के मामले भी तेजी से बढ़े, जानिए कितना खतरनाक है यह बीमारी


 World Cancer Day 2026 के मौके पर महिलाओं की सेहत से जुड़ा एक चिंताजनक सच सामने आ रहा है। अब तक स्तन कैंसर (Breast Cancer) को महिलाओं में सबसे बड़ा खतरा माना जाता रहा है, लेकिन इसके साथ-साथ ओवेरियन कैंसर (Ovarian Cancer) भी तेजी से उभरता हुआ एक घातक रोग बनता जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ओवेरियन कैंसर उतना ही खतरनाक है जितना ब्रेस्ट कैंसर, बल्कि कई मामलों में इससे भी ज्यादा जानलेवा साबित होता है।

क्यों खतरनाक है ओवेरियन कैंसर?

ओवेरियन कैंसर को अक्सर “साइलेंट किलर” कहा जाता है, क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण बहुत हल्के होते हैं या नजरअंदाज कर दिए जाते हैं। नतीजतन, ज्यादातर महिलाओं में इसका पता तब चलता है जब बीमारी एडवांस स्टेज में पहुंच चुकी होती है। यही वजह है कि निदान के बाद कई मामलों में मरीज की औसत जीवन अवधि एक से दो साल तक ही मानी जाती है।

किन कारणों से बढ़ रहा है खतरा?

डॉक्टरों के मुताबिक ओवेरियन कैंसर के मामलों में बढ़ोतरी के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं, जिनमें शामिल हैं—

  • हार्मोनल असंतुलन

  • देर से मां बनना या गर्भधारण न करना

  • पारिवारिक इतिहास (जेनेटिक कारण)

  • मोटापा और अनहेल्दी लाइफस्टाइल

  • उम्र बढ़ने के साथ जोखिम का बढ़ना

क्या हैं इसके शुरुआती लक्षण?

ओवेरियन कैंसर के लक्षण अक्सर सामान्य समस्याओं जैसे लगते हैं, इसलिए महिलाएं इन्हें गंभीरता से नहीं लेतीं। जैसे—

  • पेट में लगातार सूजन या भारीपन

  • जल्दी पेट भर जाना या भूख कम लगना

  • पेट या पेल्विक एरिया में दर्द

  • बार-बार पेशाब आना

  • बिना वजह वजन घटना या बढ़ना

अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

समय पर जांच क्यों है जरूरी?

ब्रेस्ट कैंसर के लिए जहां मैमोग्राफी जैसे स्क्रीनिंग टेस्ट उपलब्ध हैं, वहीं ओवेरियन कैंसर की पहचान थोड़ी मुश्किल होती है। फिर भी नियमित पेल्विक जांच, अल्ट्रासाउंड और जरूरत पड़ने पर CA-125 ब्लड टेस्ट से खतरे को काफी हद तक पहचाना जा सकता है, खासकर उन महिलाओं में जिनका पारिवारिक इतिहास रहा हो।

क्या है बचाव का तरीका?

विशेषज्ञों का कहना है कि हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर, वजन नियंत्रित रखकर और नियमित मेडिकल चेकअप से जोखिम कम किया जा सकता है। सबसे जरूरी है—अपने शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करना

World Cancer Day 2026 का यही संदेश है कि महिलाओं में कैंसर सिर्फ स्तन तक सीमित नहीं है। ओवेरियन कैंसर जैसे घातक रोग के प्रति जागरूकता और समय पर जांच ही जान बचाने का सबसे बड़ा हथियार है।

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