फ्लाइट के दौरान बिना ईयरफोन के तेज आवाज में म्यूजिक या वीडियो चलाना कई यात्रियों के लिए असुविधा का कारण बनता है। इसी मुद्दे को लेकर लोकसभा में सवाल उठाया गया। सांसद V. S. Matheswaran ने सरकार से पूछा कि ऐसे यात्रियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।
इस पर नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री Murlidhar Mohol ने सदन में जवाब दिया और नियमों की जानकारी दी।
क्या कहते हैं नियम?
सरकार के मुताबिक, विमान के अंदर अनुशासन बनाए रखना एयरक्राफ्ट नियमों के तहत अनिवार्य है। यदि कोई यात्री बिना ईयरफोन के तेज आवाज में म्यूजिक बजाकर दूसरों को परेशान करता है, तो इसे ‘अनुचित व्यवहार’ (Unruly Behaviour) की श्रेणी में माना जा सकता है।
ऐसे मामलों में एयरलाइन क्रू पहले यात्री को चेतावनी देता है। यदि वह नहीं मानता, तो:
-
उसे लिखित चेतावनी दी जा सकती है
-
जरूरत पड़ने पर फ्लाइट लैंड होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों को सौंपा जा सकता है
-
गंभीर मामलों में ‘नो-फ्लाई लिस्ट’ में भी डाला जा सकता है
कितनी हो सकती है सजा?
सरकार ने स्पष्ट किया कि सजा का स्वरूप मामले की गंभीरता पर निर्भर करता है। अगर व्यवहार से विमान की सुरक्षा या अन्य यात्रियों की सुरक्षा प्रभावित होती है, तो एयरक्राफ्ट एक्ट और संबंधित नियमों के तहत जुर्माना या कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
हालांकि सिर्फ म्यूजिक बजाने पर सीधे जेल की सजा का प्रावधान नहीं है, लेकिन अगर यात्री निर्देशों की अवहेलना करता है या विवाद खड़ा करता है, तो मामला गंभीर हो सकता है।
क्यों जरूरी है नियमों का पालन?
विमान के अंदर सीमित जगह होती है और सैकड़ों यात्री साथ यात्रा करते हैं। ऐसे में शांति और अनुशासन बनाए रखना बेहद जरूरी है। बिना ईयरफोन तेज आवाज में ऑडियो चलाना दूसरों की निजता और आराम में बाधा डालता है।
सरकार ने यात्रियों से अपील की है कि वे फ्लाइट के दौरान क्रू के निर्देशों का पालन करें और सह-यात्रियों का ध्यान रखते हुए जिम्मेदारी से व्यवहार करें।
0 टिप्पणियाँ