कैंसर में वजन कम क्यों होता है?
कैंसर के दौरान शरीर में कई जैविक बदलाव होते हैं, जो वजन घटने का कारण बनते हैं:
मेटाबॉलिज्म में बदलाव
कैंसर कोशिकाएं तेजी से बढ़ती और फैलती हैं। इसके लिए वे शरीर की ऊर्जा का अधिक उपयोग करती हैं, जिससे कैलोरी तेजी से खर्च होती है और वजन घटने लगता है।
भूख में कमी
कई प्रकार के कैंसर में मरीज को भूख कम लगती है। इलाज (कीमोथेरेपी/रेडिएशन) के दौरान मतली, उल्टी या स्वाद में बदलाव भी खाने की इच्छा घटा सकता है।
मांसपेशियों का क्षय (कैशेक्सिया)
कुछ कैंसर में “कैंसर कैशेक्सिया” नामक स्थिति विकसित हो सकती है, जिसमें शरीर की मांसपेशियां और फैट तेजी से कम होने लगते हैं। यह सामान्य डाइट से ठीक नहीं होता।
हार्मोनल और सूजन संबंधी प्रभाव
कैंसर शरीर में सूजन बढ़ाता है और कुछ रसायन (साइटोकाइन्स) रिलीज करता है, जो भूख और पोषण संतुलन को प्रभावित करते हैं।
कितनी वजन कमी चिंताजनक है?
डॉक्टरों के अनुसार, यदि 6–12 महीनों में बिना कोशिश के शरीर के कुल वजन का लगभग 5–10% कम हो जाए, तो इसकी चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए—खासकर यदि इसके साथ थकान, कमजोरी, लगातार बुखार, खांसी या किसी हिस्से में गांठ जैसे लक्षण भी हों।
क्या हर वजन घटना कैंसर है?
नहीं। वजन कम होने के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं, जैसे:
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Diabetes mellitus
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Hyperthyroidism
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पाचन तंत्र की समस्याएं
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मानसिक तनाव या अवसाद
इसलिए स्वयं निष्कर्ष निकालने की बजाय डॉक्टर से परामर्श जरूरी है।
कब तुरंत डॉक्टर से मिलें?
बिना कोशिश के वजन कम होना एक चेतावनी संकेत हो सकता है, लेकिन घबराने की बजाय जागरूक रहना जरूरी है। समय पर जांच और सही निदान से गंभीर बीमारियों का पता शुरुआती चरण में लगाया जा सकता है। यदि वजन तेजी से घट रहा है और अन्य लक्षण भी मौजूद हैं, तो तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लें—क्योंकि जल्दी पहचान ही बेहतर इलाज की कुंजी है।
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