आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर लंबे समय से यह बहस चल रही है कि क्या यह इंसानी नौकरियों की जगह ले लेगा। अब Block Inc. के ताजा फैसले ने इस चर्चा को और तेज कर दिया है। Jack Dorsey की फिनटेक कंपनी ब्लॉक ने लगभग 4,000 कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान किया है। खास बात यह है कि यह फैसला आर्थिक नुकसान की वजह से नहीं, बल्कि AI के बढ़ते उपयोग के कारण लिया गया बताया जा रहा है।
मुनाफे में कंपनी, फिर भी छंटनी क्यों?
रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी वित्तीय रूप से स्थिर है और ग्रोथ भी दर्ज कर रही है। बावजूद इसके, प्रबंधन ने संगठन को “ज्यादा कुशल और टेक-ड्रिवन” बनाने के उद्देश्य से कर्मचारियों की संख्या घटाने का निर्णय लिया। माना जा रहा है कि AI टूल्स के जरिए कई प्रक्रियाओं को ऑटोमेट किया जा चुका है, जिससे मानव संसाधन की जरूरत कम हो गई।
किन क्षेत्रों पर पड़ा असर?
छंटनी का असर मुख्य रूप से ऑपरेशंस, कस्टमर सपोर्ट और कुछ टेक्निकल टीमों पर पड़ा है। कंपनी का तर्क है कि AI आधारित सिस्टम अब डेटा एनालिसिस, कस्टमर क्वेरी हैंडलिंग और बैक-एंड प्रोसेसिंग जैसे काम तेज और कम लागत में कर पा रहे हैं।
AI: अवसर या खतरा?
यह घटनाक्रम उस व्यापक बदलाव की ओर इशारा करता है, जहां कंपनियां दक्षता बढ़ाने के लिए AI को प्राथमिकता दे रही हैं। एक ओर जहां AI नई नौकरियों और स्किल्स की मांग पैदा कर रहा है, वहीं पारंपरिक भूमिकाओं पर दबाव भी बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में कंपनियां “ह्यूमन + AI” मॉडल अपनाएंगी, जिसमें कर्मचारी AI टूल्स के साथ मिलकर काम करेंगे। लेकिन जिन भूमिकाओं में दोहराव और ऑटोमेशन संभव है, वहां जोखिम बना रहेगा।
आगे क्या?
ब्लॉक का यह फैसला टेक इंडस्ट्री के लिए संकेत हो सकता है कि AI का प्रभाव अब सिर्फ प्रयोगात्मक नहीं, बल्कि वास्तविक कारोबारी रणनीति का हिस्सा बन चुका है। ऐसे में कर्मचारियों के लिए नई तकनीकों में स्किल अपग्रेड करना और AI-फ्रेंडली भूमिकाओं की ओर बढ़ना समय की जरूरत बनता जा रहा है।
AI का डर अब सिर्फ कल्पना नहीं, बल्कि कॉर्पोरेट दुनिया की हकीकत बनता दिखाई दे रहा है।
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