टेक दिग्गज Apple Inc. के लेटेस्ट आंकड़ों ने सभी को हैरान कर दिया है। iOS 26 को लेकर शुरुआती दौर में बैटरी ड्रेन, स्लो परफॉर्मेंस और नए डिजाइन इंटरफेस को लेकर कई शिकायतें सामने आई थीं। इसके बावजूद, इस सॉफ्टवेयर अपडेट का एडॉप्शन तेजी से बढ़ा है।
कंपनी के मुताबिक, पिछले चार वर्षों में लॉन्च हुए 74% आईफोन्स अब iOS 26 पर रन कर रहे हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि यूजर्स शुरुआती समस्याओं के बावजूद नए फीचर्स और सिक्योरिटी अपडेट को प्राथमिकता दे रहे हैं।
शुरुआती शिकायतें क्या थीं?
iOS 26 के रिलीज होते ही कुछ यूजर्स ने बैटरी तेजी से खत्म होने, ऐप्स के क्रैश होने और डिवाइस के गर्म होने जैसी दिक्कतों की शिकायत की थी। साथ ही, नए डिजाइन एलिमेंट्स को लेकर भी सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई यूजर्स ने इंटरफेस में हुए बदलावों को लेकर असंतोष जताया।
हालांकि, कंपनी ने क्रमिक अपडेट्स और बग फिक्स के जरिए इन समस्याओं को काफी हद तक दूर कर दिया। यही वजह है कि समय के साथ यूजर्स का भरोसा बढ़ता गया और एडॉप्शन रेट में उछाल देखने को मिला।
एडॉप्शन रेट क्यों है अहम?
किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए एडॉप्शन रेट बेहद महत्वपूर्ण होता है। इससे यह पता चलता है कि यूजर्स नई तकनीक को कितनी तेजी से अपना रहे हैं। 74% का आंकड़ा दर्शाता है कि iOS 26 को लेकर शुरुआती शंकाओं के बावजूद अधिकांश यूजर्स अपडेट इंस्टॉल करने के लिए तैयार रहे।
साथ ही, नए प्राइवेसी फीचर्स, बेहतर एआई इंटीग्रेशन और सिक्योरिटी पैच भी इस तेजी से बढ़ते एडॉप्शन के पीछे अहम कारण माने जा रहे हैं।
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में यह प्रतिशत और बढ़ सकता है, खासकर जब अधिक डिवाइस आधिकारिक रूप से अपडेट के दायरे में आएंगे। कुल मिलाकर, iOS 26 ने साबित कर दिया है कि शुरुआती आलोचनाओं के बावजूद मजबूत इकोसिस्टम और लगातार अपडेट किसी भी सॉफ्टवेयर की स्वीकार्यता बढ़ा सकते हैं।
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