एपल में आने वाले वर्षों में बड़े नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं। कंपनी के मौजूदा सीईओ टिम कुक ने हाल ही में संकेत दिए हैं कि वह एपल के भविष्य को लेकर उत्तराधिकार (Succession) की तैयारी अभी से कर रहे हैं। हालांकि टिम कुक ने अपने रिटायरमेंट की कोई तय समयसीमा सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक वह अगले 5 से 15 वर्षों के भीतर एपल की कमान संभालने वाले संभावित नेताओं को लेकर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।
टिम कुक की अगुवाई में एपल ने iPhone, Services और Wearables सेगमेंट में जबरदस्त ग्रोथ हासिल की है और कंपनी को ट्रिलियन-डॉलर क्लब में मजबूती से स्थापित किया है। ऐसे में उनके बाद सीईओ बनने वाला व्यक्ति एपल के लिए बेहद अहम साबित होगा। इसी वजह से एपल के टॉप मैनेजमेंट में मौजूद कुछ बड़े नामों को संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा है।
रेस में पहला नाम: जॉन टर्नस (John Ternus)
रिपोर्ट्स के मुताबिक जॉन टर्नस इस रेस में सबसे आगे माने जा रहे हैं। वह फिलहाल एपल में हार्डवेयर इंजीनियरिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हैं और iPhone, iPad, Mac और अन्य प्रमुख प्रोडक्ट्स के विकास में अहम भूमिका निभा चुके हैं। उनकी टेक्निकल समझ और प्रोडक्ट-फोकस्ड लीडरशिप को टिम कुक के संभावित उत्तराधिकारी के लिए मजबूत आधार माना जा रहा है।
दूसरा नाम: क्रेग फेडेरिघी (Craig Federighi)
एपल के सॉफ्टवेयर प्रमुख क्रेग फेडेरिघी भी सीईओ रेस में एक मजबूत दावेदार हैं। iOS, macOS और अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम्स के पीछे उनका बड़ा योगदान रहा है। उनका विज़न और डेवलपर-फ्रेंडली अप्रोच एपल की सॉफ्टवेयर रणनीति को नई दिशा दे सकती है।
तीसरा नाम: जेफ विलियम्स (Jeff Williams)
एपल के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर जेफ विलियम्स लंबे समय से टिम कुक के भरोसेमंद सहयोगी रहे हैं। सप्लाई चेन, ऑपरेशंस और Apple Watch जैसे प्रोजेक्ट्स में उनकी भूमिका अहम रही है। अनुभव के लिहाज से वह भी सीईओ की रेस में मजबूत माने जाते हैं।
कुल मिलाकर, टिम कुक भले ही अभी रिटायरमेंट से दूर हों, लेकिन एपल में नेतृत्व बदलाव की नींव रखी जा चुकी है। आने वाले वर्षों में यह देखना दिलचस्प होगा कि एपल की बागडोर किसके हाथों में जाती है और कौन कंपनी को अगले युग में लेकर जाता है।
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