AI Hiring Humans: एआई बना ‘बॉस’, इंसानों को किराये पर लेकर करवा रहा शारीरिक काम


 अब तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को इंसानों का सहायक माना जाता रहा है, लेकिन एक नई वेबसाइट ने इस सोच को उलट कर रख दिया है। Rentahuman.AI नाम का प्लेटफॉर्म एक अनोखा मॉडल पेश कर रहा है, जहां एआई खुद ‘बॉस’ की भूमिका में नजर आता है और इंसानों को किराये पर लेकर ऐसे काम करवाता है, जिन्हें वह अपनी डिजिटल सीमाओं के कारण खुद नहीं कर सकता।

यह प्लेटफॉर्म मूल रूप से एआई एजेंट्स को वास्तविक दुनिया में कार्य करवाने के लिए मानव सहयोग उपलब्ध कराता है। चूंकि एआई केवल डिजिटल वातावरण में काम कर सकता है, इसलिए यदि उसे किसी भौतिक वस्तु की जरूरत हो, दस्तावेज पर हस्ताक्षर करवाने हों, किसी स्थान की तस्वीर लेनी हो या कोई ऑफलाइन कार्य पूरा करना हो, तो वह प्लेटफॉर्म के जरिए इंसानों को हायर करता है।

काम करने की प्रक्रिया भी दिलचस्प है। एआई सिस्टम एक टास्क जनरेट करता है, जिसे वेबसाइट पर सूचीबद्ध किया जाता है। इच्छुक व्यक्ति उस काम को स्वीकार कर निर्धारित निर्देशों के अनुसार पूरा करता है। कार्य पूरा होने पर एआई द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर भुगतान किया जाता है। इस तरह इंसान एआई के ‘फील्ड एजेंट’ की तरह काम करते हैं।

टेक विशेषज्ञों के अनुसार, यह मॉडल गिग इकॉनमी का एक नया रूप है, जहां इंसान और एआई के बीच भूमिकाएं पारंपरिक सोच से अलग नजर आती हैं। अब एआई केवल निर्देशों का पालन करने वाला टूल नहीं, बल्कि कार्य सौंपने वाला प्रोग्राम बन रहा है।

हालांकि, इस मॉडल को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं। विशेषज्ञ डेटा सुरक्षा, जवाबदेही और श्रम अधिकारों को लेकर चिंताएं जता रहे हैं। अगर किसी कार्य में त्रुटि होती है या दुरुपयोग की संभावना बनती है, तो जिम्मेदारी किसकी होगी—एआई की, प्लेटफॉर्म की या काम करने वाले व्यक्ति की?

फिलहाल Rentahuman.AI जैसे प्लेटफॉर्म यह संकेत दे रहे हैं कि भविष्य में इंसान और एआई के बीच सहयोग का ढांचा और भी बदल सकता है। यह तकनीक जहां नए अवसर पैदा कर सकती है, वहीं इसके सामाजिक और कानूनी प्रभावों पर गंभीर चर्चा भी जरूरी होगी।

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