टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण की शुरुआत भारत के लिए बेहद निराशाजनक रही। दक्षिण अफ्रीका से 76 रन की बड़ी हार के बाद
India national cricket team ग्रुप में आखिरी स्थान पर पहुंच गया है। इस हार से भारत का नेट रन रेट (NRR) गिरकर -3.800 हो गया, जो अब सबसे बड़ी चिंता बन चुका है।
क्यों बढ़ी नेट रन रेट की टेंशन?
टी20 जैसे छोटे फॉर्मेट में बड़ी हार का सीधा असर नेट रन रेट पर पड़ता है। भारत की इस हार ने उसे अंक तालिका में पीछे धकेल दिया है। अब सिर्फ जीत काफी नहीं होगी, बल्कि बड़ी जीत की जरूरत होगी।
सेमीफाइनल का समीकरण समझिए
भारत को सुपर-8 में अब दो मुकाबले खेलने हैं:
भारत के लिए संभावित रास्ते:
दोनों मैच बड़े अंतर से जीतना अनिवार्य
अगर भारत दोनों मुकाबले अच्छे मार्जिन से जीतता है, तो उसका नेट रन रेट सुधर सकता है और सेमीफाइनल की राह खुल सकती है।
⚠ एक भी हार = लगभग बाहर
अगर भारत एक भी मैच हारता है, तो उसके लिए आगे का रास्ता लगभग बंद हो जाएगा।
⚖ करीबी जीत भी खतरे वाली
मान लीजिए भारत दोनों मैच जीतता है लेकिन छोटे अंतर से, तो मामला नेट रन रेट पर अटक सकता है। ऐसे में अन्य टीमों के नतीजों पर निर्भर रहना पड़ेगा।
क्या करना होगा भारत को?
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पहले बल्लेबाजी करे तो 180+ का स्कोर बनाकर बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी।
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अगर लक्ष्य का पीछा करे तो 15-16 ओवर में मैच खत्म करने की कोशिश करनी होगी।
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गेंदबाजों को विरोधी टीम को कम स्कोर पर रोकना होगा।
अब भारत के लिए हर ओवर, हर रन और हर विकेट अहम हो चुका है। सुपर-8 का अगला मुकाबला ही तय करेगा कि टीम वापसी की राह पकड़ती है या टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा और गहरा जाता है।
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