भारत में हर 6 में से 1 कपल इंफर्टिलिटी से जूझ रहा, क्या डाइट सुधार से मिल सकता है फायदा?


 भारत में इंफर्टिलिटी (बांझपन) एक तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है। हालिया आंकड़ों और विशेषज्ञों के आकलन के अनुसार, देश में हर 6 में से 1 दंपती को गर्भधारण में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। पहले जहां यह समस्या उम्र बढ़ने से जुड़ी मानी जाती थी, वहीं अब कम उम्र के कपल्स भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। इसके पीछे बदलती जीवनशैली, गलत खानपान, बढ़ता तनाव और हार्मोनल असंतुलन को प्रमुख कारण माना जा रहा है।

ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठता है—क्या सिर्फ डाइट में सुधार करके इंफर्टिलिटी की समस्या में कुछ हद तक राहत पाई जा सकती है?

इंफर्टिलिटी में डाइट की भूमिका

स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि डाइट कोई “जादुई इलाज” नहीं है, लेकिन यह फर्टिलिटी सुधारने में महत्वपूर्ण सहायक भूमिका जरूर निभा सकती है। सही पोषण हार्मोन बैलेंस, अंडाणु (Egg) और शुक्राणु (Sperm) की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद करता है।

किन पोषक तत्वों पर दें ध्यान?

  • प्रोटीन: दालें, अंडा, मछली और नट्स हार्मोन हेल्थ के लिए जरूरी हैं।

  • फोलिक एसिड: हरी पत्तेदार सब्जियां, ब्रोकली और दालें महिलाओं में फर्टिलिटी बढ़ाने में सहायक मानी जाती हैं।

  • ओमेगा-3 फैटी एसिड: अखरोट, अलसी और मछली शुक्राणु और अंडाणु की गुणवत्ता सुधारने में मदद कर सकते हैं।

  • एंटीऑक्सीडेंट्स: फल और सब्जियां शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम करती हैं, जो इंफर्टिलिटी का एक बड़ा कारण हो सकता है।

किन चीजों से बनाएं दूरी?

ज्यादा जंक फूड, ट्रांस फैट, शुगर और प्रोसेस्ड फूड हार्मोनल असंतुलन बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा धूम्रपान, शराब और अत्यधिक कैफीन का सेवन भी फर्टिलिटी को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है।

लाइफस्टाइल भी उतनी ही जरूरी

सिर्फ डाइट ही नहीं, बल्कि नियमित एक्सरसाइज, पर्याप्त नींद और तनाव नियंत्रण भी उतने ही अहम हैं। लगातार तनाव शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ाता है, जो प्रजनन क्षमता पर असर डाल सकता है। योग और मेडिटेशन इस दिशा में मददगार साबित हो सकते हैं।

क्या सिर्फ डाइट से इलाज संभव है?

विशेषज्ञ साफ तौर पर कहते हैं कि इंफर्टिलिटी के कारण व्यक्ति-विशेष पर निर्भर करते हैं। कई मामलों में मेडिकल ट्रीटमेंट जरूरी होता है, लेकिन संतुलित डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल इलाज की सफलता की संभावना जरूर बढ़ा सकती है

निष्कर्ष
डाइट में सुधार इंफर्टिलिटी का पूर्ण इलाज नहीं, लेकिन यह एक मजबूत आधार जरूर तैयार करता है। सही खानपान, स्वस्थ जीवनशैली और समय पर डॉक्टर से सलाह—इन तीनों का संतुलन ही इंफर्टिलिटी से लड़ने का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।

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