ऋग्वेद का प्रसिद्ध वाक्य
“एकं सद्विप्रा बहुधा वदन्ति” बताता है कि सत्य एक है, पर उसे मानने के तरीके अलग-अलग हो सकते हैं। यही विविधता हिंदू धर्म की खासियत है। भारत के बाहर भी कई देशों में हिंदू परंपराएं जीवित हैं, लेकिन वहां की संस्कृति के अनुसार पूजा-पद्धति का रूप बदल जाता है। आइए जानते हैं ऐसे 5 देशों के बारे में:
Indonesia
इंडोनेशिया के बाली द्वीप में हिंदू धर्म का अनूठा रूप देखने को मिलता है। यहां के हिंदू “आगम हिंदू धर्म” का पालन करते हैं, जिसमें स्थानीय बाली संस्कृति और वेदिक परंपराओं का मिश्रण है।
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मंदिरों को “पुरा” कहा जाता है।
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रोज़ाना फूलों और चावल की छोटी टोकरी (Canang Sari) अर्पित की जाती है।
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यहां भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा की पूजा स्थानीय देवताओं के साथ होती है।
Nepal
नेपाल दुनिया का इकलौता पूर्व “हिंदू राष्ट्र” रहा है।
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यहां पशुपतिनाथ मंदिर में भगवान शिव की विशेष पूजा होती है।
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तांत्रिक परंपराएं और वैदिक रीति-रिवाज साथ-साथ चलते हैं।
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दशैं और तिहार जैसे त्योहार भारतीय पर्वों से मिलते-जुलते हैं, लेकिन स्थानीय रंग में ढले होते हैं।
Mauritius
मॉरीशस में भारतीय मूल के लोगों की बड़ी आबादी है।
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यहां गंगा तालाब (Grand Bassin) को पवित्र माना जाता है।
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महाशिवरात्रि बड़े स्तर पर मनाई जाती है।
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पूजा में भोजपुरी और क्रियोल संस्कृति का असर दिखता है।
Thailand
थाईलैंड में हिंदू देवी-देवताओं का प्रभाव बौद्ध परंपरा के साथ जुड़ा है।
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भगवान ब्रह्मा की पूजा बैंकॉक के एरावन श्राइन में की जाती है।
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रामायण को “रामाकियन” नाम से जाना जाता है।
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शाही अनुष्ठानों में हिंदू मंत्रों का प्रयोग होता है।
Suriname
दक्षिण अमेरिका के इस देश में भारतीय प्रवासियों ने हिंदू परंपराएं जीवित रखी हैं।
निष्कर्ष
हिंदू धर्म की सबसे बड़ी खूबी उसकी विविधता और लचीलापन है। चाहे इंडोनेशिया हो या मॉरीशस, नेपाल हो या थाईलैंड—हर जगह पूजा की शैली अलग है, लेकिन आस्था का भाव एक जैसा है। यही “एकं सद्विप्रा बहुधा वदन्ति” का जीवंत उदाहरण है।
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