वेनेजुएला से तेल आयात भारत के लिए बड़ी बचत का सौदा, सालाना 27,081 करोड़ रुपये बचने की संभावना


 भारत के लिए कच्चे तेल के आयात को लेकर एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की एक हालिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अगर भारत वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदता है तो उसे रूस के मुकाबले कहीं अधिक आर्थिक फायदा हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस कदम से भारतीय तेल कंपनियों को सालाना करीब 27,081 करोड़ रुपये की बचत हो सकती है।

SBI की रिपोर्ट में बताया गया है कि फिलहाल वेनेजुएला का कच्चा तेल लगभग 51 डॉलर प्रति बैरल की दर पर उपलब्ध है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में अन्य प्रमुख सप्लायर्स के मुकाबले सस्ता है। खास बात यह है कि रूस से मिलने वाला तेल छूट के बावजूद भी वेनेजुएला के तेल से महंगा पड़ सकता है, खासकर लॉजिस्टिक्स और बीमा लागत को जोड़ने के बाद।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातक देशों में से एक है और अपनी जरूरत का करीब 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में तेल की कीमत में मामूली सी कमी भी देश की अर्थव्यवस्था और चालू खाते के घाटे (Current Account Deficit) पर बड़ा असर डालती है। वेनेजुएला से सस्ता तेल मिलने पर न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी, बल्कि घरेलू स्तर पर ईंधन की कीमतों को स्थिर रखने में भी मदद मिल सकती है।

SBI ने यह भी कहा है कि वेनेजुएला का कच्चा तेल भारत की कई रिफाइनरियों के लिए तकनीकी रूप से उपयुक्त है। इससे रिफाइनिंग कॉस्ट कम हो सकती है और तेल कंपनियों का मुनाफा बढ़ सकता है। इसके अलावा, सप्लाई सोर्स को डायवर्सिफाई करने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी और किसी एक देश पर निर्भरता घटेगी।

हालांकि रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि वेनेजुएला से तेल आयात को लेकर भू-राजनीतिक चुनौतियां और प्रतिबंधों से जुड़े जोखिम बने रह सकते हैं। लेकिन अगर अंतरराष्ट्रीय हालात अनुकूल होते हैं और आयात सुचारु रूप से संभव होता है, तो यह सौदा भारत के लिए आर्थिक रूप से बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है।

कुल मिलाकर, SBI की रिपोर्ट यह साफ करती है कि वेनेजुएला से तेल खरीदना भारत के लिए लागत कम करने, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम हो सकता है।

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