भारत में 20 लाख शिक्षकों को मुफ्त एआई ट्रेनिंग देगा माइक्रोसॉफ्ट, ‘एलिवेट फॉर एजुकेटर्स’ प्रोग्राम लॉन्च


 टेक दिग्गज Microsoft ने भारत में शिक्षा क्षेत्र को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने ‘Elevate For Educators’ नामक विशेष कार्यक्रम लॉन्च किया है, जिसके तहत वर्ष 2030 तक देशभर में 20 लाख शिक्षकों को मुफ्त आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक एआई टूल्स और तकनीकों के उपयोग में दक्ष बनाना है, ताकि वे छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर सकें।

यह कार्यक्रम भारत की National Education Policy 2020 (नई शिक्षा नीति 2020) के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसमें डिजिटल लर्निंग और उभरती तकनीकों को शिक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया है। माइक्रोसॉफ्ट की यह पहल देश के लगभग 2 लाख स्कूलों तक पहुंचेगी, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के शिक्षक लाभान्वित हो सकेंगे।

क्या है ‘Elevate For Educators’ का उद्देश्य?

इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य शिक्षकों को एआई टूल्स का जिम्मेदार और प्रभावी उपयोग सिखाना है। इसके तहत शिक्षकों को यह प्रशिक्षण दिया जाएगा कि वे किस तरह एआई आधारित प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर पढ़ाई को अधिक इंटरैक्टिव और व्यक्तिगत (पर्सनलाइज्ड) बना सकते हैं। साथ ही, डेटा प्राइवेसी, डिजिटल एथिक्स और एआई के सुरक्षित उपयोग जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

शिक्षा व्यवस्था में क्या बदलाव आएंगे?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से भारत में एआई आधारित शिक्षा को नई गति मिलेगी। शिक्षक यदि एआई टूल्स में दक्ष होंगे, तो वे छात्रों की सीखने की गति और जरूरतों के अनुसार कंटेंट तैयार कर सकेंगे। इससे न केवल शिक्षण की गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि छात्रों की डिजिटल स्किल्स भी मजबूत होंगी।

माइक्रोसॉफ्ट का यह कदम भारत को वैश्विक एआई प्रतिभा केंद्र बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तकनीकी बदलावों के इस दौर में, शिक्षकों को प्रशिक्षित करना भविष्य की कार्यशक्ति तैयार करने की आधारशिला है।

भविष्य की दिशा

‘Elevate For Educators’ कार्यक्रम से उम्मीद है कि भारत में शिक्षा और तकनीक का बेहतर समन्वय स्थापित होगा। यह पहल केवल शिक्षकों को प्रशिक्षित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका व्यापक उद्देश्य छात्रों को एआई-समर्थित दुनिया के लिए तैयार करना है।

कुल मिलाकर, माइक्रोसॉफ्ट की यह पहल भारत की शिक्षा प्रणाली को अधिक आधुनिक, समावेशी और तकनीक-समर्थ बनाने की दिशा में एक बड़ा और दूरगामी कदम साबित हो सकती है।

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