बजट 2026-27 में हेल्थ सेक्टर पर बड़ा फोकस: भारत बनेगा बायोफार्मा हब, मेंटल हेल्थ और कैंसर मरीजों के लिए राहत


 केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार, 1 फरवरी 2026 को लोकसभा में लगातार नौंवा बजट (Budget 2026-27) पेश किया। इस बजट से देश के हेल्थ सेक्टर को काफी उम्मीदें थीं और सरकार ने उन उम्मीदों को काफी हद तक पूरा करने की कोशिश की है। बजट 2026-27 में स्वास्थ्य सेवाओं, रिसर्च और इलाज को लेकर कई अहम घोषणाएं की गई हैं, जिनका सीधा फायदा आम जनता को मिलेगा।

सबसे बड़ा ऐलान भारत को बायोफार्मा उत्पादन का ग्लोबल हब बनाने को लेकर किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि देश में दवाओं, वैक्सीन, बायोलॉजिक्स और एडवांस फार्मास्यूटिकल्स का निर्माण बड़े पैमाने पर हो, ताकि भारत न सिर्फ अपनी जरूरतें पूरी करे बल्कि दुनिया को भी सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध करा सके। इसके लिए रिसर्च, मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन को बढ़ावा देने की बात कही गई है।

मेंटल हेल्थ को मिला खास महत्व
बजट 2026-27 में मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) को लेकर भी सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। सरकार ने मेंटल हेल्थ सेवाओं को मजबूत करने, काउंसलिंग और टेली-मेंटल हेल्थ सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया है। स्कूलों, कॉलेजों और वर्कप्लेस में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाएं बढ़ाने की योजना भी बजट का हिस्सा है, ताकि युवाओं और कामकाजी लोगों को समय पर मदद मिल सके।

कैंसर मरीजों के लिए राहत की खबर
कैंसर के इलाज को सस्ता और सुलभ बनाने की दिशा में भी बजट में अहम कदम उठाए गए हैं। सरकार ने कैंसर रिसर्च, शुरुआती जांच (Early Detection) और आधुनिक इलाज सुविधाओं को मजबूत करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही आवश्यक कैंसर दवाओं और मेडिकल उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने पर भी फोकस किया गया है, जिससे मरीजों पर आर्थिक बोझ कम हो सके।

हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और रिसर्च पर जोर
बजट में सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और हेल्थ रिसर्च संस्थानों के विस्तार की बात कही गई है। नई तकनीकों, AI आधारित डायग्नोसिस और डिजिटल हेल्थ सिस्टम को बढ़ावा देकर इलाज को ज्यादा प्रभावी और तेज बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे दूरदराज़ और ग्रामीण इलाकों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर
Budget 2026-27 यह संकेत देता है कि सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को सिर्फ खर्च नहीं, बल्कि निवेश के तौर पर देख रही है। बायोफार्मा हब बनने की दिशा, मेंटल हेल्थ पर ध्यान और कैंसर मरीजों को राहत—ये सभी कदम देश की हेल्थकेयर व्यवस्था को मजबूत बनाने की ओर अहम साबित हो सकते हैं। अगर इन घोषणाओं को जमीन पर सही तरीके से लागू किया गया, तो आने वाले वर्षों में भारत का हेल्थ सेक्टर नई ऊंचाइयों पर पहुंच सकता है।

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