भारत ने 2025 में एक बड़ी डिजिटल उपलब्धि हासिल की। जनरेटिव एआई ऐप्स के डाउनलोड के मामले में भारत दुनिया का सबसे बड़ा बाजार बन गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर हुए कुल डाउनलोड का करीब 20% हिस्सा अकेले भारत से आया। यानी हर पांच में से एक एआई ऐप डाउनलोड भारतीय यूजर्स ने किया।
लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी यूजर संख्या के बावजूद कंपनियां भारत से पर्याप्त राजस्व नहीं कमा पा रही हैं। इन-ऐप खरीदारी (In-App Purchases) में भारत की हिस्सेदारी सिर्फ करीब 1% रही।
डाउनलोड ज्यादा, कमाई कम — वजह क्या?
फ्री मॉडल की लोकप्रियता
भारत में ज्यादातर यूजर्स फ्री वर्जन का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं। ट्रायल पीरियड, फ्रीमियम मॉडल और लिमिटेड फीचर्स वाले प्लान डाउनलोड तो बढ़ा रहे हैं, लेकिन पेड सब्सक्रिप्शन में कन्वर्जन कम है।
प्राइस सेंसिटिव मार्केट
भारतीय बाजार बेहद मूल्य-संवेदनशील (price sensitive) है। कई यूजर्स मासिक सब्सक्रिप्शन के बजाय मुफ्त विकल्पों को प्राथमिकता देते हैं।
डिजिटल पेमेंट व्यवहार
हालांकि भारत में यूपीआई और डिजिटल पेमेंट तेजी से बढ़े हैं, लेकिन ऐप-आधारित इंटरनेशनल सब्सक्रिप्शन के लिए भुगतान करने की आदत अभी सीमित है।
कंटेंट बनाम क्रिएशन गैप
कई यूजर्स एआई ऐप्स को सिर्फ एक्सपेरिमेंट या सोशल मीडिया कंटेंट के लिए इस्तेमाल करते हैं, न कि प्रोफेशनल या बिजनेस उपयोग के लिए — जिससे पेड प्लान की जरूरत कम पड़ती है।
कौन-कौन सी कंपनियां आगे?
वैश्विक स्तर पर OpenAI, Google और Microsoft जैसी कंपनियों के एआई टूल्स भारत में तेजी से डाउनलोड हो रहे हैं। लेकिन राजस्व का बड़ा हिस्सा अभी भी अमेरिका, यूरोप और जापान जैसे बाजारों से आता है, जहां प्रति यूजर खर्च ज्यादा है।
कंपनियों के लिए चुनौती
भारत जैसा बड़ा यूजर बेस भविष्य के लिए बेहद अहम है, लेकिन इसे कमाई में बदलना आसान नहीं। कंपनियों को:
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किफायती लोकल प्राइसिंग मॉडल लाने होंगे
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क्षेत्रीय भाषाओं में बेहतर सेवाएं देनी होंगी
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स्टूडेंट और क्रिएटर-फ्रेंडली प्लान पेश करने होंगे
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फ्री से पेड में कन्वर्जन बढ़ाने की रणनीति बनानी होगी
निष्कर्ष
भारत एआई क्रांति का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार बन चुका है, लेकिन अभी “डाउनलोड पावर” को “रेवेन्यू पावर” में बदलना बाकी है। आने वाले समय में अगर कंपनियां भारतीय यूजर्स की जरूरत और बजट के अनुसार रणनीति बनाती हैं, तो यह बाजार उनके लिए सबसे लाभदायक भी बन सकता है।
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