भारत पर 10% वैश्विक शुल्क बरकरार? ट्रंप बोले– डील कायम, टैरिफ नीति में बदलाव नहीं; पीएम मोदी की सराहना


 अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि वैश्विक टैरिफ को लेकर उनकी सरकार अपने रुख में कोई बदलाव नहीं करेगी। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी उन्होंने भारत के साथ व्यापार समझौते को जारी रखने की पुष्टि की और कहा कि दोनों देशों के बीच हुई डील “फेयर” और संतुलित है।

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका 150 दिनों के लिए 10 प्रतिशत का अस्थायी वैश्विक आयात शुल्क लागू रखेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भारत इस नीति के तहत टैरिफ का भुगतान करेगा, लेकिन इससे द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर कोई असर नहीं पड़ेगा। “हमारी डील बरकरार है, इसमें बदलाव की जरूरत नहीं,” ट्रंप ने दोहराया।

राष्ट्रपति ने भारत के साथ बढ़ते आर्थिक संबंधों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है और दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। ट्रंप के मुताबिक, यह समझौता दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए लाभकारी है और व्यापार संतुलन को बेहतर बनाने में मदद करेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि 10 प्रतिशत का वैश्विक शुल्क भारतीय निर्यातकों के लिए कुछ चुनौतियां जरूर खड़ी कर सकता है, खासकर स्टील, एल्युमीनियम, ऑटो कंपोनेंट्स और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में। हालांकि 18 प्रतिशत शुल्क की आशंका के मुकाबले 10 प्रतिशत दर को अपेक्षाकृत राहत के रूप में देखा जा रहा है।

भारत और अमेरिका के बीच हाल के वर्षों में रक्षा, ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, डिजिटल टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है। ऐसे में व्यापार समझौते की निरंतरता निवेशकों और उद्योग जगत के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका में टैरिफ नीति को लेकर कानूनी और राजनीतिक बहस जारी है। बावजूद इसके, व्हाइट हाउस का रुख साफ है—राष्ट्रीय हितों की रक्षा और घरेलू उद्योगों को बढ़ावा प्राथमिकता है। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि 150 दिनों की समयसीमा के बाद अमेरिका अपनी टैरिफ नीति में क्या कदम उठाता है और इसका भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर क्या असर पड़ता है।

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