CERT-In के मुताबिक, इन खामियों के जरिए हैकर्स दूर बैठे ही यूजर के कंप्यूटर तक अनधिकृत पहुंच बना सकते हैं। अगर सिस्टम समय पर अपडेट नहीं किया गया है, तो हमलावर मैलवेयर इंस्टॉल कर सकते हैं, निजी फाइल्स तक पहुंच बना सकते हैं या फिर पूरे सिस्टम पर कंट्रोल हासिल कर सकते हैं। खासतौर पर ऐसे यूजर्स ज्यादा जोखिम में हैं, जो इंटरनेट से जुड़े रहते हैं या ऑफिस वर्क के लिए विंडोज सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं।
सरकारी एजेंसी ने चेतावनी दी है कि इस तरह के साइबर हमले से पासवर्ड, बैंकिंग डिटेल्स, ई-मेल, ऑफिस डॉक्यूमेंट्स और अन्य निजी जानकारियां लीक हो सकती हैं। इसके अलावा, सिस्टम की परफॉर्मेंस भी प्रभावित हो सकती है और यूजर को आर्थिक नुकसान तक उठाना पड़ सकता है। CERT-In ने इस खतरे को “हाई सीवेरिटी” कैटेगरी में रखा है, यानी इसे हल्के में लेना भारी पड़ सकता है।
CERT-In ने यूजर्स को सलाह दी है कि वे अपने Windows 10 और Windows 11 सिस्टम को तुरंत लेटेस्ट सिक्योरिटी पैच और अपडेट्स के साथ अपडेट करें। माइक्रोसॉफ्ट समय-समय पर इन खामियों को दूर करने के लिए अपडेट जारी करता है, लेकिन अगर यूजर इन्हें इंस्टॉल नहीं करते, तो खतरा बना रहता है। इसके साथ ही अनजान ई-मेल अटैचमेंट या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचने की भी सलाह दी गई है।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि आज के डिजिटल दौर में साइबर हमले तेजी से बढ़ रहे हैं और आम यूजर भी इनके निशाने पर हैं। इसलिए मजबूत पासवर्ड, एंटीवायरस सॉफ्टवेयर और नियमित सिस्टम अपडेट बेहद जरूरी हो गए हैं।
कुल मिलाकर, अगर आप Windows यूजर हैं, तो इस चेतावनी को नजरअंदाज न करें। समय पर अपडेट और थोड़ी सी सावधानी आपके डेटा और सिस्टम दोनों को सुरक्षित रख सकती है।
0 टिप्पणियाँ