Republic Day 2026: 12 साल–12 पगड़ियां, हर बार बदला अंदाज; जानिए इस साल पीएम मोदी की वेशभूषा में क्या है खास

गणतंत्र दिवस परेड सिर्फ भारत की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन नहीं होती, बल्कि यह वह मंच भी है जहां देश की परंपराएं और प्रतीक दुनिया के सामने आते हैं। Republic Day 2026 के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर अपने खास पारंपरिक अंदाज को लेकर चर्चा में रहे। साल 2014 से लेकर 2026 तक, यानी बीते 12 वर्षों में 12 अलग-अलग पगड़ियां और परिधान, पीएम मोदी की पहचान का हिस्सा बन चुके हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की गणतंत्र दिवस की वेशभूषा महज कपड़े नहीं होती, बल्कि हर साल वह किसी न किसी राज्य, संस्कृति या ऐतिहासिक परंपरा का प्रतीक होती है। कभी राजस्थान की राजसी पगड़ी, कभी गुजरात की सादगी भरी साफा शैली, तो कभी पूर्वोत्तर भारत की झलक—हर बार उनका लुक भारत की विविधता को एक सूत्र में बांधता नजर आता है।

Republic Day 2026 पर भी पीएम मोदी का पारंपरिक परिधान खास संदेश देता दिखा। इस साल की पगड़ी का रंग, डिजाइन और बांधने की शैली भारत की सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ आत्मनिर्भरता और आधुनिक सोच का प्रतीक मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, पीएम मोदी की वेशभूषा में रंगों का चयन अक्सर किसी न किसी भाव या विचार को दर्शाता है—जैसे साहस, शांति, एकता या राष्ट्रीय गौरव।

2014 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद से नरेंद्र मोदी ने पारंपरिक भारतीय परिधान को वैश्विक मंच पर नई पहचान दी है। अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की मौजूदगी में गणतंत्र दिवस पर उनका यह लुक भारत की सॉफ्ट पावर को भी मजबूती देता है। विदेशी नेता न सिर्फ भारत की परेड और झांकियों से प्रभावित होते हैं, बल्कि पीएम मोदी की सांस्कृतिक प्रस्तुति भी वैश्विक मीडिया में चर्चा का विषय बनती है।

दिलचस्प बात यह है कि हर साल उनकी पगड़ी को लेकर सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त चर्चा होती है। फैशन एक्सपर्ट्स से लेकर आम लोग तक, सभी यह जानने को उत्सुक रहते हैं कि इस बार प्रधानमंत्री क्या पहनेंगे और उसके पीछे क्या संदेश छिपा है।

कुल मिलाकर, 12 साल–12 पगड़ियां प्रधानमंत्री मोदी के उस प्रयास को दर्शाती हैं, जिसमें वे भारत की विविध संस्कृति, परंपरा और आत्मविश्वास को एक साथ दुनिया के सामने रखते हैं। Republic Day 2026 पर भी उनका यह पारंपरिक अंदाज एक बार फिर यह कह गया कि आधुनिक भारत अपनी जड़ों पर गर्व करता है और उन्हें पूरे सम्मान के साथ आगे बढ़ाता है।

 

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