Indian Army Day: पीएम मोदी ने सेना के शौर्य को किया नमन, कहा– निस्वार्थ सेवा और राष्ट्र रक्षा के प्रतीक हैं हमारे जवान


 देशभर में सेना दिवस (Indian Army Day) के अवसर पर भारतीय सेना के शौर्य, बलिदान और अनुशासन को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति, रक्षा मंत्री और उपराष्ट्रपति ने भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता, आत्मनिर्भरता और देश की सुरक्षा में उनकी अहम भूमिका की सराहना की। राष्ट्र ने उन वीर जवानों को याद किया, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि भारतीय सेना के जवान निस्वार्थ सेवा और राष्ट्र रक्षा के सच्चे प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि देश हर उस सैनिक का ऋणी है, जो सीमाओं पर खड़े होकर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। पीएम मोदी ने बलिदान देने वाले वीरों को गहरे सम्मान के साथ स्मरण करते हुए कहा कि उनका त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारतीय सेना केवल एक सैन्य शक्ति नहीं, बल्कि अनुशासन, साहस और सेवा भावना का जीवंत उदाहरण है। कठिन परिस्थितियों, दुर्गम इलाकों और विषम मौसम में भी सेना के जवान जिस संकल्प के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं, वह हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार सैनिकों के कल्याण, उनके परिवारों की सुरक्षा और सुविधाओं को प्राथमिकता दे रही है।

राष्ट्रपति ने अपने संदेश में भारतीय सेना की अदम्य साहस, पेशेवर दक्षता और संविधान के प्रति निष्ठा की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सेना ने न केवल युद्ध के मैदान में, बल्कि आपदा राहत, मानवीय सहायता और आंतरिक सुरक्षा में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के तहत भारतीय सेना तेजी से आधुनिक हो रही है। स्वदेशी रक्षा उपकरणों, अत्याधुनिक तकनीक और मेक इन इंडिया पहल से देश की सैन्य क्षमता मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि सेना दिवस उन प्रयासों को याद करने का अवसर है, जिनके जरिए भारत अपनी रक्षा जरूरतों में आत्मनिर्भर बन रहा है।

उपराष्ट्रपति ने भी सेना के जवानों को नमन करते हुए कहा कि भारतीय लोकतंत्र की सुरक्षा में सेना की भूमिका सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि सैनिकों का समर्पण और अनुशासन देश की एकता और अखंडता की मजबूत नींव है।

सेना दिवस के अवसर पर देशभर में परेड, श्रद्धांजलि कार्यक्रम और सांस्कृतिक आयोजनों के जरिए वीर जवानों को सम्मान दिया गया। यह दिन न केवल सेना की उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि उन शहीदों को याद करने का भी अवसर है, जिनकी बदौलत देश सुरक्षित और मजबूत बना हुआ है।

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