हाइपरटेंशन यानी
हाई ब्लड प्रेशर—नाम सुनते ही बहुत से लोगों को लगता है कि यह सिर्फ ज्यादा टेंशन लेने से होती है। सच कहें तो यह आधी जानकारी और आधा भ्रम है। टेंशन यानी तनाव इसका एक कारण हो सकता है, लेकिन
हाइपरटेंशन सिर्फ टेंशन की बीमारी नहीं है। यह एक गंभीर और लंबे समय तक चलने वाली समस्या है, जिसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
हाइपरटेंशन क्या होता है
जब हमारे शरीर में खून का दबाव नसों की दीवारों पर सामान्य से ज्यादा बना रहता है, तो उसे हाइपरटेंशन कहते हैं। सामान्य तौर पर 120/80 mmHg को नॉर्मल माना जाता है। अगर ब्लड प्रेशर लगातार इससे ऊपर रहता है, तो इसे हाई ब्लड प्रेशर कहा जाता है।
क्या वाकई टेंशन ही वजह है
तनाव लेने से ब्लड प्रेशर कुछ समय के लिए बढ़ सकता है, लेकिन यही हाइपरटेंशन की एकमात्र वजह नहीं है। असल में यह बीमारी कई कारणों के मेल से होती है।
हाइपरटेंशन के मुख्य कारण
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ज्यादा नमक और जंक फूड का सेवन
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शारीरिक गतिविधि की कमी
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मोटापा
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धूम्रपान और शराब का सेवन
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नींद पूरी न होना
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आनुवंशिक कारण (परिवार में इतिहास होना)
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लंबे समय तक तनाव में रहना
क्यों है यह बीमारी खतरनाक
हाइपरटेंशन को अक्सर ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है, क्योंकि इसके लक्षण शुरुआत में साफ नजर नहीं आते। लेकिन समय के साथ यह हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी डैमेज और आंखों की रोशनी कमजोर होने जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।
किन लक्षणों पर रखें ध्यान
कई लोगों में कोई खास लक्षण नहीं दिखते, फिर भी कुछ संकेत हो सकते हैं:
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बार-बार सिरदर्द
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चक्कर आना
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थकान या बेचैनी
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सांस फूलना
हाइपरटेंशन से बचाव कैसे करें
अच्छी बात यह है कि सही आदतों से हाइपरटेंशन को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।
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नमक कम खाएं
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रोजाना हल्की एक्सरसाइज या वॉक करें
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वजन को कंट्रोल में रखें
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धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं
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पूरी नींद लें
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तनाव कम करने के लिए योग और मेडिटेशन अपनाएं
कब डॉक्टर से मिलें
अगर आपका ब्लड प्रेशर बार-बार बढ़ा हुआ आ रहा है, तो खुद से दवाइयां लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
निष्कर्ष यही है कि हाइपरटेंशन सिर्फ “टेंशन” की बीमारी नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल से जुड़ी एक गंभीर समस्या है। समय रहते सही जानकारी और सावधानी इसे काबू में रखने की सबसे बड़ी कुंजी है।
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