Global Economy: व्यापार झटकों के बावजूद क्या बरकरार रहेगी वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार? IMF प्रमुख ने जताया भरोसा


 दुनियाभर में जारी भू-राजनीतिक तनाव, व्यापार प्रतिबंधों और बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर लगातार चिंताएं जताई जा रही हैं। इसी बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर अपेक्षाकृत सकारात्मक संकेत दिए हैं। उनके मुताबिक, मौजूदा व्यापार झटकों और अनिश्चितताओं के बावजूद वैश्विक अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत बनी हुई है और आने वाले समय में विकास दर के अनुमानों में हल्का सुधार देखने को मिल सकता है।

IMF प्रमुख ने कहा कि हाल के वर्षों में दुनिया ने महामारी, आपूर्ति श्रृंखला में रुकावट, महंगाई और भू-राजनीतिक संघर्षों जैसे कई बड़े झटके झेले हैं। इसके बावजूद वैश्विक अर्थव्यवस्था ने खुद को संभाला है और कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में विकास की गति उम्मीद से बेहतर रही है। खासतौर पर उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों में घरेलू मांग और सेवा क्षेत्र ने आर्थिक गतिविधियों को सहारा दिया है।

क्रिस्टालिना जॉर्जीवा के अनुसार, महंगाई कई देशों में अपने चरम से नीचे आई है, जिससे केंद्रीय बैंकों पर ब्याज दरों को लेकर दबाव कुछ हद तक कम हुआ है। इससे निवेश और उपभोग को बढ़ावा मिलने की संभावना है, जो वैश्विक विकास के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। IMF का मानना है कि यदि मौजूदा रुझान बने रहते हैं, तो वैश्विक विकास अनुमान में मामूली लेकिन अहम सुधार संभव है।

हालांकि, IMF प्रमुख ने भविष्य को लेकर आगाह भी किया। उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव, खासकर युद्ध और क्षेत्रीय संघर्ष, वैश्विक व्यापार और निवेश पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं। इसके अलावा संरक्षणवादी नीतियों में बढ़ोतरी, व्यापार नियमों में सख्ती और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं का बिखराव आर्थिक स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।

तकनीकी बदलावों को लेकर भी जॉर्जीवा ने दोहरा रुख सामने रखा। एक ओर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकें उत्पादकता और विकास को बढ़ावा दे सकती हैं, वहीं दूसरी ओर इससे रोजगार बाजार में असमानता और सामाजिक चुनौतियां भी बढ़ सकती हैं, अगर समय रहते नीतिगत कदम नहीं उठाए गए।

IMF प्रमुख ने देशों से अपील की कि वे आपसी सहयोग बढ़ाएं, व्यापार बाधाओं को कम करें और दीर्घकालिक सुधारों पर ध्यान दें। उनका मानना है कि समन्वित वैश्विक प्रयासों से न केवल मौजूदा जोखिमों को कम किया जा सकता है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को एक स्थिर और टिकाऊ विकास पथ पर बनाए रखा जा सकता है

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