Chandra Grahan 2026: होलिका दहन पर लग रहा है ग्रहण, जानें सूतक काल, समय और खास बातें


 साल 2026 में कुल 4 चंद्र ग्रहण होने जा रहे हैं, लेकिन इनमें से केवल एक चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा। खास बात यह है कि यह ग्रहण होलिका दहन के साथ पड़ रहा है, इसलिए इसे लेकर धार्मिक और ज्योतिषीय रूप से विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।

पहला चंद्र ग्रहण 2026 में

  • तारीख: पहला चंद्र ग्रहण 2026 में 14 मार्च को लगने वाला है।

  • प्रकार: यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा।

  • स्थान: भारत में यह ग्रहण पूरे देश में देखा जा सकेगा।

सूतक काल

ग्रहण के दौरान धार्मिक कार्यों और पूजा-पाठ में सूतक काल को विशेष माना जाता है। सूतक काल के दौरान ग्रहण से प्रभावित कार्य टालने की सलाह दी जाती है।

  • सूतक आरंभ: ग्रहण शुरू होने से लगभग 3 घंटे पहले

  • सूतक समाप्ति: ग्रहण समाप्त होने के लगभग 1 घंटे बाद

सूतक काल के दौरान घर में पूजा, विवाह, यात्रा या नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।

होलिका दहन और ग्रहण का संयोग

2026 में होलिका दहन का पर्व 14 मार्च को ही पड़ रहा है। चंद्र ग्रहण के कारण ज्योतिषीय दृष्टि से यह दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे समय में लोग विशेष उपाय, धार्मिक अनुष्ठान और व्रत रखते हैं।

ग्रहण के दौरान ध्यान देने योग्य बातें

  1. ग्रहण के समय खाने-पीने की चीज़ों का सेवन कम करें।

  2. बच्चों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

  3. मंदिर जाने, पूजा करने या धार्मिक कार्य करने से पहले सूतक काल का पालन करें।

  4. ग्रहण का प्रभाव समाप्त होने के बाद ही नए कार्य और यात्रा करें।

भविष्य में अन्य ग्रहण

साल 2026 में इसके बाद भी 3 चंद्र ग्रहण होंगे, लेकिन वे भारत में दिखाई नहीं देंगे। भारत के लिए पहला और प्रमुख चंद्र ग्रहण यही माना जाएगा।

निष्कर्ष

साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण होलिका दहन के साथ पड़ रहा है। इस दिन सूतक काल, ग्रहण के समय और धार्मिक नियमों का पालन करना शुभ माना जाता है। ग्रहण के दौरान सावधानी और पारंपरिक उपाय अपनाकर आप अपने धार्मिक अनुष्ठानों और घर के वातावरण को सुरक्षित रख सकते हैं।

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