ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) हमारे शरीर की सेहत का एक अहम संकेतक है। अगर बीपी लंबे समय तक असंतुलित रहे, तो इसका सीधा असर दिल, दिमाग, किडनी और आंखों पर पड़ सकता है। इसलिए यह जानना बेहद जरूरी है कि किस उम्र में ब्लड प्रेशर की सही (नॉर्मल) रीडिंग क्या मानी जाती है।
सबसे पहले समझते हैं कि बीपी रीडिंग होती क्या है।
ब्लड प्रेशर को दो अंकों में मापा जाता है—
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सिस्टोलिक (ऊपरी नंबर): जब दिल खून पंप करता है
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डायस्टोलिक (निचला नंबर): जब दिल आराम की स्थिति में होता है
उदाहरण: 120/80 mmHg
वयस्कों (18 साल और उससे अधिक) के लिए नॉर्मल BP
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नॉर्मल: 120/80 mmHg से कम
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एलिवेटेड: 120–129 / 80 से कम
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हाई बीपी (स्टेज 1): 130–139 / 80–89
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हाई बीपी (स्टेज 2): 140/90 या उससे ज्यादा
अगर रीडिंग लगातार 130/80 से ऊपर रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
युवाओं (13–17 साल) का नॉर्मल BP
किशोरों में बीपी उम्र, लंबाई और वजन पर निर्भर करता है, लेकिन सामान्य तौर पर:
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लगभग: 110–120 / 70–80 mmHg
अगर बार-बार इससे ज्यादा रीडिंग आए, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
बच्चों (1–12 साल) का नॉर्मल BP
बच्चों में बीपी उम्र के साथ बदलता है:
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1–5 साल: करीब 95/65 mmHg
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6–12 साल: करीब 100–110 / 65–75 mmHg
बच्चों में हाई बीपी कम देखने को मिलता है, लेकिन मोटापा, गलत खानपान और कम एक्टिविटी इसकी वजह बन सकते हैं।
बुजुर्गों में BP कितना होना चाहिए?
उम्र बढ़ने के साथ धमनियां सख्त होने लगती हैं, इसलिए:
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130/80 mmHg तक कई बार स्वीकार्य माना जाता है
हालांकि, बहुत ज्यादा बीपी या बहुत कम बीपी—दोनों ही खतरनाक हो सकते हैं।
कब सतर्क हो जाएं?
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चक्कर आना
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सिरदर्द
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सीने में दर्द
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धुंधला दिखना
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बार-बार थकान
ये हाई या लो बीपी के संकेत हो सकते हैं।
बीपी कंट्रोल रखने के आसान टिप्स
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नमक कम खाएं
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रोज़ 30 मिनट वॉक या एक्सरसाइज
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वजन कंट्रोल रखें
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तनाव कम करें
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स्मोकिंग और शराब से दूरी
ध्यान रखें: बीपी एक “साइलेंट किलर” है, कई बार लक्षण नहीं दिखते। इसलिए चाहे उम्र कोई भी हो, समय-समय पर ब्लड प्रेशर चेक कराना सबसे सुरक्षित तरीका है।
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