एपल लंबे समय से अपने वर्चुअल असिस्टेंट सिरी को ज्यादा स्मार्ट और पावरफुल बनाने का वादा करता आ रहा है। अब ऐसा लगता है कि यूज़र्स का यह इंतजार जल्द खत्म होने वाला है। ब्लूमबर्ग के मशहूर टेक जर्नलिस्ट मार्क गुरमन के मुताबिक, एपल फरवरी की शुरुआत में सिरी का बड़ा अपडेट रोलआउट कर सकता है, जो गूगल के जेमिनी-पावर्ड एआई मॉडल पर आधारित होगा। यह अपडेट सिरी के इतिहास का सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
अब तक सिरी को उसकी सीमित समझ और साधारण जवाबों के लिए आलोचना झेलनी पड़ी है, खासकर जब उसकी तुलना गूगल असिस्टेंट, चैटजीपीटी और अन्य जनरेटिव एआई टूल्स से की जाती है। नए जेमिनी-पावर्ड अपडेट के साथ सिरी को ज्यादा नेचुरल, कॉन्टेक्स्ट-अवेयर और इंटेलिजेंट बनाने की तैयारी है। इससे यूज़र अनुभव में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, नए सिरी अपडेट में जनरेटिव एआई क्षमताओं को शामिल किया जाएगा। इसका मतलब है कि सिरी अब केवल कमांड फॉलो करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बातचीत को बेहतर ढंग से समझ पाएगी। यूज़र्स जटिल सवाल पूछ सकेंगे, लंबे जवाब पा सकेंगे और एक ही टॉपिक पर फॉलो-अप क्वेश्चन भी कर सकेंगे—बिना बार-बार संदर्भ समझाने के।
इसके अलावा, सिरी को एपल के ऐप्स और सिस्टम फीचर्स के साथ और गहराई से इंटीग्रेट किया जा सकता है। माना जा रहा है कि यह अपडेट ईमेल लिखने, मैसेज समरी बनाने, नोट्स तैयार करने, रिमाइंडर सेट करने और यहां तक कि मल्टी-स्टेप टास्क पूरा करने में भी मदद करेगा। यानी सिरी सिर्फ असिस्टेंट नहीं, बल्कि एक पर्सनल एआई हेल्पर की भूमिका निभा सकेगी।
हालांकि, एपल प्राइवेसी को लेकर हमेशा सतर्क रहा है। ऐसे में यह भी कहा जा रहा है कि जेमिनी-पावर्ड सिरी में डेटा सिक्योरिटी और ऑन-डिवाइस प्रोसेसिंग पर खास जोर दिया जाएगा। एपल की कोशिश होगी कि यूज़र डेटा सुरक्षित रहे और एआई फीचर्स प्राइवेसी से समझौता किए बिना काम करें।
टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह अपडेट एपल को एआई रेस में मजबूत स्थिति में ला सकता है। जहां एक तरफ माइक्रोसॉफ्ट-ओपनएआई और गूगल तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, वहीं सिरी का यह नया अवतार एपल के इकोसिस्टम को और ज्यादा स्मार्ट बना सकता है।
कुल मिलाकर, अगर फरवरी में जेमिनी-पावर्ड सिरी अपडेट आता है, तो यह न सिर्फ एपल यूज़र्स के लिए बड़ी खुशखबरी होगी, बल्कि एआई की दुनिया में एक अहम कदम भी साबित हो सकता है।
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