आईफोन की स्क्रीन टूटी तो जेब पर पड़ेगा भारी असर, रिप्लेसमेंट खर्च जानकर चौंक जाएंगे यूजर्स


 अगर आप iPhone यूजर हैं और आपका फोन गलती से गिरकर स्क्रीन टूट जाती है, तो यह नुकसान सिर्फ फोन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आपकी जेब पर भी सीधा असर डालता है। खासकर अगर आपके iPhone में AppleCare+ नहीं है, तो स्क्रीन रिप्लेसमेंट का खर्च कई बार एक नए मिड-रेंज स्मार्टफोन की कीमत के बराबर हो सकता है। भारत में एपल के ऑफिशियल सर्विस सेंटर्स पर स्क्रीन बदलवाना बेहद महंगा साबित होता है।

क्यों इतनी महंगी है iPhone स्क्रीन?

iPhone की डिस्प्ले टेक्नोलॉजी आम स्मार्टफोन्स से कहीं ज्यादा एडवांस होती है। लेटेस्ट मॉडल्स में Super Retina XDR, OLED पैनल, Ceramic Shield ग्लास और फेस आईडी से जुड़ी जटिल सेंसर टेक्नोलॉजी शामिल होती है। स्क्रीन बदलते समय सिर्फ ग्लास नहीं, बल्कि पूरा डिस्प्ले मॉड्यूल रिप्लेस किया जाता है, जिससे लागत काफी बढ़ जाती है।

iPhone 15 सीरीज में सबसे ज्यादा खर्च

खास तौर पर iPhone 15, iPhone 15 Plus, iPhone 15 Pro और iPhone 15 Pro Max जैसे लेटेस्ट मॉडल्स में स्क्रीन रिप्लेसमेंट का खर्च हजारों रुपये में पहुंच जाता है। कुछ मामलों में यह रकम 30,000 से 40,000 रुपये या उससे भी ज्यादा हो सकती है, जो कई ब्रांड्स के नए स्मार्टफोन की कीमत के बराबर है। पुराने मॉडल्स जैसे iPhone 11 या iPhone 12 में भी यह खर्च कम तो है, लेकिन फिर भी आम यूजर के लिए भारी माना जाता है।

AppleCare+ से कैसे होती है बचत?

अगर आपके पास AppleCare+ प्लान है, तो स्क्रीन टूटने पर रिप्लेसमेंट काफी सस्ते में हो सकता है। इस प्लान के तहत एक्सीडेंटल डैमेज पर यूजर को सिर्फ एक फिक्स्ड सर्विस चार्ज देना होता है, जिससे हजारों रुपये की बचत संभव है। यही वजह है कि एक्सपर्ट्स नए iPhone के साथ AppleCare+ लेने की सलाह देते हैं।

लोकल रिपेयर बनाम ऑफिशियल सर्विस

कई यूजर्स खर्च बचाने के लिए लोकल रिपेयर शॉप्स का रुख करते हैं, जहां स्क्रीन कम कीमत में बदल दी जाती है। हालांकि इसमें नकली या लोअर-क्वालिटी डिस्प्ले लगने का जोखिम रहता है और इससे वारंटी भी खत्म हो सकती है। ऑफिशियल सर्विस महंगी जरूर है, लेकिन इसमें ओरिजिनल पार्ट्स और क्वालिटी की गारंटी मिलती है।

निष्कर्ष

अगर आप iPhone इस्तेमाल करते हैं, तो फोन को संभालकर रखना ही सबसे बड़ी बचत है। मजबूत कवर, टेम्पर्ड ग्लास और AppleCare+ जैसे विकल्प अपनाकर आप भारी रिप्लेसमेंट खर्च से खुद को बचा सकते हैं। वरना एक छोटी सी गिरावट आपकी जेब पर बड़ा झटका दे सकती है।

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