पीएम मोदी ने ट्रंप को फोन कर लिया होता तो... पर अब तो नहीं: अमेरिकी वाणिज्य मंत्री का बड़ा खुलासा


अमेरिकी वाणिज्य मंत्री ने हाल ही में एक बड़ा खुलासा किया है, जो भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों में चर्चा का विषय बन गया है। मंत्री ने कहा कि अमेरिका ने हाल ही में इंडोनेशिया, फिलीपीन और वियतनाम के साथ नए व्यापार समझौते किए हैं। इसके बावजूद उन्हें उम्मीद थी कि भारत के साथ व्यापार समझौता पहले हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।

क्या कहा अमेरिकी वाणिज्य मंत्री ने

मंत्री ने संकेत दिया कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते में देरी का कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच समय पर संपर्क न होना हो सकता है। उनके अनुसार, अगर पीएम मोदी ने ट्रंप को फोन किया होता, तो भारत-अमेरिका व्यापार समझौता पहले हो सकता था।

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सरकार भारत के साथ आर्थिक सहयोग को लेकर गंभीर थी और इसके लिए पहले ही बातचीत के प्रयास किए गए थे। लेकिन अन्य दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ समझौते पहले पूरी कर लिए गए।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का महत्व

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते से दोनों देशों को कई फायदे मिल सकते थे:

  • टैरिफ और आयात-निर्यात में आसानी

  • तकनीकी सहयोग और निवेश के अवसर

  • वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत साझेदारी

विशेषज्ञों का कहना है कि इस समझौते में देरी का असर केवल व्यापार पर ही नहीं बल्कि रणनीतिक और भू-राजनीतिक सहयोग पर भी पड़ सकता है।

अगले कदम पर नजर

वाणिज्य मंत्री ने यह साफ किया कि अमेरिकी सरकार भारत के साथ व्यापार समझौते के लिए अब भी प्रतिबद्ध है। हालाँकि, अब इसे नए समय और परिस्थितियों के हिसाब से पुनः सक्रिय किया जाएगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि भविष्य में भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंध और अधिक मजबूत हो सकते हैं, अगर दोनों देशों के नेताओं के बीच बेहतर समन्वय हो।

निष्कर्ष

अमेरिकी वाणिज्य मंत्री के खुलासे ने यह साफ कर दिया है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता समय और संपर्क पर निर्भर था। पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच समय पर बातचीत न होने के कारण यह पहले संभव नहीं हो पाया, लेकिन भविष्य में दोनों देशों के बीच सहयोग के अवसर अभी भी मौजूद हैं।

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