सरफराज खान ने खटखटाया टीम इंडिया में वापसी का दरवाजा, रणजी ट्रॉफी में ठोका एक और दनदनाता दोहरा शतक


 घरेलू क्रिकेट में अपनी बादशाहत एक बार फिर साबित करते हुए सरफराज खान ने रणजी ट्रॉफी में ऐसा धमाकेदार प्रदर्शन किया है, जिसने टीम इंडिया के दरवाजे पर फिर से जोरदार दस्तक दे दी है। मुंबई के इस स्टार बल्लेबाज ने एक और यादगार पारी खेलते हुए दोहरा शतक जड़ दिया और चयनकर्ताओं को दोबारा सोचने पर मजबूर कर दिया।

सरफराज खान ने इस मुकाबले में 205 गेंदों पर दोहरा शतक पूरा किया। उनकी इस पारी में धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन देखने को मिला। उन्होंने शुरुआत में क्रीज पर समय लिया, गेंद को अच्छे से समझा और फिर मौका मिलते ही गेंदबाजों पर दबाव बनाते चले गए। यह पारी दिखाती है कि वह लंबे समय तक टिककर बड़ी इनिंग खेलने की क्षमता रखते हैं।

सरफराज की इस शानदार पारी का असर पूरी टीम पर साफ दिखा। उनकी बदौलत मुंबई ने 500 से ज्यादा रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। विपक्षी गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आए और सरफराज ने मैदान के चारों ओर शॉट्स लगाते हुए रन बटोरे। यह प्रदर्शन न सिर्फ स्कोरबोर्ड पर भारी पड़ा, बल्कि मैच की दिशा भी पूरी तरह मुंबई के पक्ष में मोड़ गया।

रणजी ट्रॉफी में सरफराज खान का रिकॉर्ड पहले से ही शानदार रहा है। लगातार बड़े स्कोर, शतक और दोहरे शतक उनके नाम की पहचान बन चुके हैं। बावजूद इसके, लंबे समय से यह सवाल उठता रहा है कि उन्हें टीम इंडिया में स्थायी मौका क्यों नहीं मिल पा रहा। हर बार जब चयन की चर्चा होती है, सरफराज का नाम जरूर आता है और हर बार वह बल्ले से जवाब देने में पीछे नहीं रहते।

इस पारी के बाद एक बार फिर यह बहस तेज हो गई है कि क्या सरफराज खान को टीम इंडिया में लगातार मौके मिलने चाहिए। घरेलू क्रिकेट में इस तरह का दबदबा दिखाने वाला बल्लेबाज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या कर सकता है—यह देखने की उत्सुकता फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञों दोनों में है।

कुल मिलाकर, रणजी ट्रॉफी में यह दनदनाता दोहरा शतक सिर्फ एक पारी नहीं, बल्कि टीम इंडिया में वापसी का मजबूत दावा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि चयनकर्ता इस प्रदर्शन को कितनी गंभीरता से लेते हैं और सरफराज खान को अगला मौका कब मिलता है।

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