अपने ही लोगों के खिलाफ खड़ा किया जा रहा है…’ रोहित-कोहली विवाद की अफवाहों पर गंभीर का करारा जवाब


 नागपुर टी20 में भारत की जीत के बाद टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर का एक ट्वीट सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गया है। इस ट्वीट के बाद फैंस और क्रिकेट एक्सपर्ट्स के बीच नई बहस छिड़ गई—क्या यह पोस्ट रोहित शर्मा और विराट कोहली से जुड़े कथित विवाद की ओर इशारा है? हालांकि, गंभीर के संदेश का संदर्भ कुछ और ही कहानी बयां करता दिख रहा है।

दरअसल, जीत के बाद कांग्रेस नेता शशि थरूर ने एक पोस्ट शेयर किया था, जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए गौतम गंभीर ने लिखा कि उन्हें “अपने ही लोगों के खिलाफ खड़ा किया जा रहा है।” बस इसी एक पंक्ति ने सोशल मीडिया पर अटकलों का तूफान खड़ा कर दिया। कई फैंस ने इसे रोहित शर्मा और विराट कोहली के साथ अनबन की अफवाहों से जोड़ दिया, जो पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा में रही हैं।

पिछले महीनों में टीम इंडिया से जुड़े कई फैसलों को लेकर गौतम गंभीर निशाने पर रहे हैं। कुछ सीनियर खिलाड़ियों के रिटायरमेंट, घरेलू क्रिकेट को लेकर सख्त नियम, टीम चयन और हालिया खराब नतीजों का ठीकरा भी सीधे तौर पर गंभीर पर फोड़ा गया। आलोचकों का कहना रहा कि कोच बनने के बाद टीम में बड़े बदलाव हुए, जबकि समर्थकों का मानना है कि गंभीर सिर्फ लंबे समय की सोच के साथ फैसले ले रहे हैं।

हाल ही में गंभीर का 2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर दिया गया बयान भी काफी चर्चा में रहा। उन्होंने कहा था कि वर्ल्ड कप के लिए किसी भी खिलाड़ी की जगह अभी पक्की नहीं है। इस बयान को कुछ लोगों ने रोहित शर्मा और विराट कोहली से जोड़कर यह संकेत देने की कोशिश की कि सीनियर खिलाड़ियों की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। बाद में गंभीर ने साफ किया था कि उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश किया गया और टीम के फैसले सामूहिक रूप से लिए जाते हैं, न कि किसी एक व्यक्ति के कहने पर।

गंभीर का ताजा ट्वीट भी इसी कड़ी में देखा जा रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि सोशल मीडिया पर बनाई जा रही कहानियां अक्सर अनुमान और अधूरी जानकारी पर आधारित होती हैं। कोच होने के नाते गंभीर फैसलों का चेहरा जरूर हैं, लेकिन टीम मैनेजमेंट, चयन समिति और कप्तान—सभी मिलकर निर्णय लेते हैं।

कुल मिलाकर, गौतम गंभीर का यह बयान खुद को बचाने से ज्यादा उस नैरेटिव पर सवाल है, जिसमें उन्हें जानबूझकर अपने ही खिलाड़ियों और लोगों के खिलाफ खड़ा दिखाया जा रहा है। नागपुर की जीत के बाद आया यह संदेश साफ करता है कि टीम के भीतर सब कुछ उतना विवादित नहीं है, जितना सोशल मीडिया पर दिखाया जा रहा है।

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