देवजीत सैकिया ने कहा कि आईसीसी टूर्नामेंट किसी एक देश के फैसले पर निर्भर नहीं करते। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि टी20 विश्वकप एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता है, जिसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के दिशा-निर्देशों के अनुसार आयोजित किया जाता है। यदि कोई बोर्ड अपनी टीम भेजने में असमर्थता जताता है, तो यह उसका आंतरिक निर्णय है, लेकिन इससे टूर्नामेंट की गरिमा या आयोजन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
बीसीसीआई अध्यक्ष ने यह भी कहा कि भारत ने अब तक सभी आईसीसी इवेंट्स की मेजबानी बेहद सफलतापूर्वक की है और इस बार भी सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स और खिलाड़ियों की सुविधाओं को लेकर कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत में क्रिकेट खेलने के लिए पूरी तरह सुरक्षित माहौल उपलब्ध है और सभी टीमों को बराबरी का सम्मान मिलेगा।
सैकिया ने बांग्लादेश के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कूटनीतिक लहजे में कहा कि बीसीसीआई बीसीबी के साथ लगातार संवाद में है और भविष्य में हालात बेहतर होने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि क्रिकेट को राजनीति से दूर रखना चाहिए और खेल भावना को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
गौरतलब है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा और आंतरिक कारणों का हवाला देते हुए भारत आने को लेकर असमर्थता जताई है, हालांकि इस पर आधिकारिक तौर पर विस्तृत बयान नहीं दिया गया है। इस बीच, बीसीसीआई का रुख साफ है कि वह आईसीसी के साथ मिलकर टूर्नामेंट को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कुल मिलाकर, देवजीत सैकिया के बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि बांग्लादेश के संभावित बहिष्कार से बीसीसीआई विचलित नहीं है और भारत में टी20 विश्वकप अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित किया जाएगा। क्रिकेट प्रेमियों को एक रोमांचक और भव्य टूर्नामेंट देखने को मिलेगा, चाहे कोई भी टीम हिस्सा ले या नहीं।
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