चीन में बड़ा उलटफेर: अपने ही घर में पिछड़े चीनी स्मार्टफोन्स, Apple बना नंबर-1


 दुनिया के सबसे बड़े स्मार्टफोन बाजार चीन में एक बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव देखने को मिला है। जहां घरेलू कंपनियां Xiaomi, Huawei, Oppo और Vivo जैसी दिग्गज ब्रांड्स दबाव में नजर आ रही हैं, वहीं अमेरिकी कंपनी Apple ने बाज़ी मार ली है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, iPhone की बिक्री में जबरदस्त उछाल आया है और Apple ने चीन में नंबर-1 स्मार्टफोन ब्रांड की पोजिशन हासिल कर ली है। यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है, जब पूरी इंडस्ट्री मेमोरी चिप संकट और सप्लाई चेन की चुनौतियों से जूझ रही है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, हाल के महीनों में चीनी स्मार्टफोन कंपनियों की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है। कमजोर घरेलू मांग, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और तकनीकी सीमाओं ने इन कंपनियों की रफ्तार को धीमा कर दिया है। खासतौर पर Huawei, जो कभी चीन का सबसे बड़ा स्मार्टफोन ब्रांड हुआ करता था, अब अमेरिकी प्रतिबंधों और चिप्स की कमी के कारण संघर्ष कर रहा है। वहीं Xiaomi और अन्य ब्रांड्स को भी कीमत और इनोवेशन के मोर्चे पर दबाव का सामना करना पड़ रहा है।

इसके उलट, Apple ने चीन में अपनी रणनीति को काफी मजबूती से लागू किया है। iPhone के नए मॉडल्स को लेकर चीनी ग्राहकों में खासा उत्साह देखने को मिला है। प्रीमियम डिजाइन, मजबूत इकोसिस्टम और बेहतर परफॉर्मेंस ने Apple को एक बार फिर चीनी उपभोक्ताओं की पहली पसंद बना दिया है। इसके अलावा, Apple ने अपने कुछ पुराने मॉडल्स की कीमतों में कटौती कर उन्हें ज्यादा किफायती बनाया, जिससे बिक्री को और बढ़ावा मिला।

मेमोरी चिप संकट के बावजूद Apple की सप्लाई चेन मैनेजमेंट ने अहम भूमिका निभाई है। कंपनी ने समय रहते जरूरी कंपोनेंट्स की व्यवस्था कर ली, जिससे प्रोडक्शन पर ज्यादा असर नहीं पड़ा। वहीं कई चीनी कंपनियां चिप्स की कमी के कारण अपने स्मार्टफोन की सप्लाई बनाए रखने में असफल रहीं। इसका सीधा फायदा Apple को मिला।

विश्लेषकों का मानना है कि चीन में Apple की यह बढ़त सिर्फ ब्रांड वैल्यू की वजह से नहीं है, बल्कि उपभोक्ताओं के बदलते ट्रेंड का भी संकेत है। अब बड़ी संख्या में चीनी ग्राहक प्रीमियम स्मार्टफोन की ओर झुक रहे हैं, जहां Apple की पकड़ पहले से ही मजबूत है। साथ ही, iOS सिस्टम की सुरक्षा और लंबे समय तक सॉफ्टवेयर अपडेट भी एक बड़ा कारण माने जा रहे हैं।

कुल मिलाकर, चीन जैसे घरेलू बाजार में चीनी कंपनियों को पछाड़कर Apple का नंबर-1 बनना स्मार्टफोन इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा संकेत है। यह दिखाता है कि कड़ी प्रतिस्पर्धा, वैश्विक संकट और स्थानीय दबावों के बीच भी मजबूत रणनीति और ब्रांड भरोसे के दम पर बाज़ार जीता जा सकता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि चीनी कंपनियां इस चुनौती का जवाब कैसे देती हैं।

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