देश के प्रमुख सरकारी अस्पताल AIIMS (ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) ने अपने मरीजों के इलाज और अपॉइंटमेंट प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अस्पताल प्रशासन ने हाल ही में स्पष्ट किया कि अब रेफरल मरीजों और ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुकिंग वाले मरीजों को प्राथमिकता दी जाएगी।
क्या हैं नए नियम?
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रेफरल मरीजों को प्राथमिकता
AIIMS प्रशासन ने कहा है कि जिन मरीजों को अन्य अस्पतालों या डॉक्टरों से रेफर किया जाता है, उन्हें ही असली जिम्मेदारी वाले मरीज माना जाएगा। इसका मतलब है कि गंभीर और रेफर किए गए मामलों को जल्दी देखना AIIMS का प्राथमिक उद्देश्य होगा। -
ऑनलाइन अपॉइंटमेंट अनिवार्य
अब मरीजों को बिना अपॉइंटमेंट सीधे अस्पताल आने पर लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। प्रशासन ने सुझाव दिया है कि मरीज ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या एप के माध्यम से अपॉइंटमेंट बुक करें, ताकि उनका इलाज समय पर और व्यवस्थित ढंग से हो सके। -
अस्पताल में पहुंचने की प्रक्रिया
बिना अपॉइंटमेंट आने वाले मरीजों को एंट्री और रजिस्ट्रेशन में समय अधिक लग सकता है। इससे अस्पताल में भीड़ नियंत्रण और मरीजों की देखभाल का स्तर बेहतर रहेगा।
क्यों किया गया बदलाव?
AIIMS के वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि मरीजों की सुविधा और गंभीर मामलों की प्राथमिकता सुनिश्चित करने के लिए यह बदलाव जरूरी था। पिछले सालों में बिना अपॉइंटमेंट आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई थी, जिससे लंबी कतारें और इंतजार की समस्या सामने आई थी। अब नए नियमों से
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गंभीर मरीजों का इलाज जल्दी होगा
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अस्पताल में भीड़ कम होगी
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प्रशासनिक प्रक्रिया और समय प्रबंधन बेहतर होगा
मरीजों के लिए सुझाव
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अपॉइंटमेंट ऑनलाइन बुक करें: AIIMS की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल एप का उपयोग करें।
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रेफरल लेटर साथ रखें: रेफर किए गए मरीजों को प्राथमिकता मिलेगी।
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समय पर पहुंचें: निर्धारित समय पर आने से इलाज जल्दी और व्यवस्थित होगा।
निष्कर्ष
AIIMS के नए नियम मरीजों की सुविधा और अस्पताल संचालन को बेहतर बनाने के लिए लागू किए गए हैं। रेफरल मरीजों को प्राथमिकता और ऑनलाइन अपॉइंटमेंट की व्यवस्था से अस्पताल में इंतजार कम होगा और गंभीर मामलों का इलाज समय पर संभव होगा।
इस बदलाव से मरीजों को बेहतर सेवा, कम इंतजार और प्राथमिकता मिलना सुनिश्चित होगा, जिससे AIIMS की सेवा प्रणाली और प्रभावी बनेगी।
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