US Fed Policy: फेडरल रिजर्व ने लगातार तीसरी बार ब्याज दरों में कटौती की; जेरोम पॉवेल बोले—आने वाले महीनों में क्या रहेगा रुख?

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने मौद्रिक नीति की समीक्षा करते हुए लगातार तीसरी बार ब्याज दरों में 0.25% की कटौती की है। इस कटौती के बाद फेड की प्रमुख नीति दर घटकर लगभग 3.6% पर आ गई है, जो पिछले तीन वर्षों में सबसे निचला स्तर है। यह कदम अमेरिका की आर्थिक स्थिति, मुद्रास्फीति के रुझान और बाजार की स्थिरता को देखते हुए उठाया गया है।

फेड की ओर से यह लगातार तीसरी कटौती ऐसे समय में की गई है जब अमेरिकी अर्थव्यवस्था मध्यम गति से बढ़ रही है और महंगाई धीरे-धीरे अपने लक्ष्य स्तर की ओर लौट रही है। फेड का मानना है कि मौद्रिक ढील से उपभोक्ता खर्च, निवेश और रोजगार बाजार को समर्थन मिलेगा, जिससे अर्थव्यवस्था में मजबूती बरकरार रहेगी।

फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आने वाले महीनों में ब्याज दरों का रुख स्थिर रहने की संभावना है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि महंगाई का दबाव और कम होता है तथा आर्थिक वृद्धि अनुमान के अनुसार रहती है, तो फेड किसी जल्दबाज़ी में अतिरिक्त कटौती नहीं करेगा। पॉवेल ने साफ कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य है—मुद्रास्फीति को नियंत्रण में रखना और रोजगार बाजार को स्थिर बनाए रखना।

पॉवेल ने यह भी स्पष्ट किया कि फेड भविष्य में किसी परिवर्तन को लेकर डेटा-निर्भर नीति अपनाएगा। यानी आने वाले आर्थिक संकेतक—महंगाई, बेरोजगारी, उपभोक्ता खर्च और बाजार की मजबूती—यह तय करेंगे कि दरें और घटेंगी, बढ़ेंगी या स्थिर रहेंगी।

बाजार की प्रतिक्रिया भी इस फैसले के बाद सकारात्मक रही है। निवेशकों ने इसे राहत के संकेत के रूप में देखा है, क्योंकि कम ब्याज दरें आमतौर पर उधारी को सस्ता बनाती हैं, जिससे व्यापार, आवास और उपभोक्ता गतिविधियों में तेजी आती है।

कुल मिलाकर, फेडरल रिजर्व का यह कदम वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि अमेरिकी ब्याज दरें दुनिया भर के वित्तीय बाजारों को प्रभावित करती हैं। लगातार तीसरी कटौती यह संकेत देती है कि फेड आर्थिक स्थिरता और विकास को प्राथमिकता दे रहा है, जबकि आने वाले महीनों में उसका रुख सावधानी और स्थिरता पर आधारित रहेगा।

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