Trump’s Gold Card: अमेरिका में बसने का सुनहरा मौका! क्या है ‘गोल्ड कार्ड’? कीमत, डेडलाइन और आवेदन का तरीका जानें

अमेरिका में बसने और लंबे समय तक रहने का सपना देखने वालों के लिए एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक नया ‘Gold Card’ वीजा प्रोग्राम लॉन्च किया है, जिसे अमेरिकी इमिग्रेशन पॉलिसी में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इस नई पहल का मकसद अमेरिका में निवेश को बढ़ावा देना और विदेशी निवेशकों को तेज़ी से स्थायी निवास तथा आगे नागरिकता का रास्ता देना है। 

इस प्रोग्राम को Trump Gold Card Visa Program नाम दिया गया है। पारंपरिक ग्रीन कार्ड और पुराने EB-5 निवेश वीजा प्रोग्राम से अलग, यह विशेष वीजा एक प्रत्यक्ष निवेश आधारित मार्ग है, जो सीधे अमेरिका में स्थायी निवासी (Permanent Resident) बनने का अवसर देता है और आगे नागरिकता (US Citizenship) की दिशा भी खोलता है। 

गोल्ड कार्ड वीजा क्या है?

गोल्ड कार्ड एक निवेश-आधारित वीजा है जिसे पाने के लिए आवेदक को अमेरिका के सरकार को तय निवेश राशि देना होती है। इसके जरिए व्यक्ति को अमेरिका में स्थायी निवास का अधिकार मिलता है, जिससे वे वहां रहकर काम कर सकते हैं और समय के बाद नागरिकता के लिए आवेदन भी कर सकते हैं। 

 कीमत — कितना खर्च करना होगा?

गोल्ड कार्ड वीजा के लिए फिलहाल जो शुल्क तय किया गया है, वह लगभग $1 मिलियन (लगभग ₹9 करोड़) प्रति व्यक्ति है। यदि कोई कंपनी अपने कर्मचारियों के लिए स्पॉन्सर करना चाहती है, तो उसे प्रति कर्मचारी लगभग $2 मिलियन का निवेश करना होगा। इसके अलावा एक प्रोसेसिंग फीस लगभग $15,000 भी वसूली जाएगी। 

डेडलाइन और उपलब्धता

आधिकारिक तौर पर यह प्रोग्राम 10 दिसंबर 2025 से लागू हो चुका है और आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए एक सरकारी वेबसाइट (Trumpcard.gov) भी लॉन्च की गई है, जहां से आवेदन फॉर्म भरा जा सकता है। फिलहाल यह वीजा एक नई कैटेगरी के रूप में प्रदान हो रहा है और भविष्य में इसके नियम और संख्या में बदलाव हो सकता है। 
 आवेदन का तरीका

1. ऑफिशियल पोर्टल पर जाएं: Trumpcard.gov


2. आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें (पहचान, वित्तीय प्रमाण आदि)


3. निवेश राशि जमा करें (अमेरिकी ट्रेज़री के खाते में)


4. प्रोसेसिंग फीस का भुगतान करें


5. बैकग्राउंड वेरिफिकेशन के बाद वीजा जारी होगा


क्यों खास है यह वीजा?

यह प्रोग्राम अमेरिका की इमिग्रेशन नीति में एक नया निवेश-आधारित मार्ग खोलता है, जो पारंपरिक ग्रीन कार्ड (जैसे EB-5) से अलग है क्योंकि इसमें जॉब क्रिएशन की आवश्यकता नहीं होती। इसके अलावा यह अमेरिका को विश्वभर के उच्च-नेट-वर्थ निवेशकों को आकर्षित करने में मदद करेगा। 

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