Rohit–Kohli Salary: विजय हजारे ट्रॉफी में कितनी है विराट–रोहित की सैलरी? BCCI के नियम सबके लिए समान


 भारतीय घरेलू क्रिकेट की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता विजय हजारे ट्रॉफी में जब विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ी मैदान पर उतरते हैं, तो फैंस के बीच उत्साह चरम पर होता है। हालांकि, उनकी लोकप्रियता और अंतरराष्ट्रीय स्टारडम के बावजूद, इस टूर्नामेंट में उनकी सैलरी किसी डेब्यूटेंट खिलाड़ी से अलग नहीं होती। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने घरेलू क्रिकेट के लिए एक ऐसा भुगतान ढांचा तैयार किया है, जो समानता और निष्पक्षता के सिद्धांत पर आधारित है।

विजय हजारे ट्रॉफी में खिलाड़ियों को उनकी ब्रांड वैल्यू या नाम के आधार पर नहीं, बल्कि अनुभव और मैचों की श्रेणी के अनुसार भुगतान किया जाता है। BCCI के नियमों के तहत, जिन खिलाड़ियों ने 40 या उससे अधिक फर्स्ट क्लास या लिस्ट-ए मैच खेले हैं, उन्हें ₹60,000 प्रति मैच की फीस मिलती है। इस श्रेणी में विराट कोहली और रोहित शर्मा दोनों आते हैं, इसलिए उन्हें भी प्रति मैच यही राशि दी जाती है।

यह रकम इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मिलने वाली करोड़ों की कमाई के मुकाबले बेहद कम है। IPL में जहां खिलाड़ी एक मैच के लिए लाखों या करोड़ों रुपये कमा लेते हैं, वहीं घरेलू क्रिकेट में भुगतान का उद्देश्य आर्थिक लाभ से ज्यादा खेल की निरंतरता और प्रतिभा को बढ़ावा देना है। BCCI का मानना है कि घरेलू क्रिकेट भारतीय क्रिकेट की नींव है और यहां सभी खिलाड़ियों को समान अवसर और सम्मान मिलना चाहिए।

घरेलू टूर्नामेंट्स में यह सिस्टम यह भी सुनिश्चित करता है कि युवा और नए खिलाड़ी खुद को बड़े नामों से कमतर न समझें। जब विराट और रोहित जैसे सीनियर खिलाड़ी भी उन्हीं नियमों के तहत खेलते और भुगतान पाते हैं, तो यह ड्रेसिंग रूम में समानता और टीम भावना को मजबूत करता है। इससे युवा खिलाड़ियों को सीखने और खुद को साबित करने का बेहतर माहौल मिलता है।

BCCI ने अलग-अलग अनुभव स्तर के खिलाड़ियों के लिए अलग भुगतान श्रेणियां तय की हैं। कम मैच खेलने वाले खिलाड़ियों को इससे कम राशि मिलती है, जबकि अनुभवी खिलाड़ियों को तय अधिकतम फीस दी जाती है। यह पूरी व्यवस्था पारदर्शी है और सभी राज्यों व टीमों में समान रूप से लागू होती है।

कुल मिलाकर, विजय हजारे ट्रॉफी में विराट कोहली और रोहित शर्मा को मिलने वाली ₹60,000 प्रति मैच की सैलरी यह दिखाती है कि BCCI घरेलू क्रिकेट में नाम नहीं, नियमों को प्राथमिकता देता है। यह सिस्टम भारतीय क्रिकेट की गहराई, अनुशासन और निष्पक्षता को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।

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