RBI MPC Meeting: मजबूत GDP और घटती महंगाई के बीच शुरू हुई बैठक, रेपो दर पर टिकी निगाहें


 भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक एक बार फिर सुर्खियों में है। यह बैठक ऐसे समय में शुरू हुई है जब भारत का आर्थिक प्रदर्शन बेहद मजबूत दिखाई दे रहा है और महंगाई का दबाव भी पिछले महीनों की तुलना में काफी कम हुआ है। इसके चलते बाजारों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या आरबीआई इस बार रेपो दर में कोई बदलाव करेगा या यथास्थिति बनाए रखेगा।

मजबूत GDP बना सकारात्मक संकेत

चालू वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में भारत की GDP वृद्धि दर 8.2% दर्ज की गई है। यह आंकड़ा न केवल उम्मीद से बेहतर है, बल्कि यह दर्शाता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था अभी भी उच्च गति से आगे बढ़ रही है। मजबूत घरेलू मांग, उद्योगों में सुधार और निवेश माहौल में स्थिरता इस वृद्धि के प्रमुख कारण रहे हैं।

महंगाई में लगातार गिरावट

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई दर में भी पिछले महीनों में उल्लेखनीय गिरावट आई है। खाद्य सामग्री की कीमतों में स्थिरता और आपूर्ति श्रृंखला में सुधार ने महंगाई को नियंत्रित करने में मदद की है। आरबीआई का लक्ष्य 4% महंगाई के आंकड़े को हासिल करना है, और वर्तमान रुझान इस दिशा में सकारात्मक संकेत दे रहे हैं।

रेपो दर पर होगी सबकी नजर

मुद्रास्फीति कम होने और अर्थव्यवस्था के मजबूत रहने के बावजूद यह देखना अहम होगा कि MPC रेपो दर में कोई बदलाव करती है या नहीं। पिछले एक साल से रेपो दर स्थिर बनी हुई है क्योंकि आरबीआई मुद्रास्फीति और विकास दोनों का संतुलन बनाए रखना चाहता है।

बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर ये सकारात्मक संकेत जारी रहे तो आने वाले महीनों में ब्याज दरों में कटौती की संभावना बढ़ सकती है, लेकिन फिलहाल MPC के रुख में सावधानी बरतने की उम्मीद है।

5 दिसंबर को आएगा नीतिगत फैसला

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा 5 दिसंबर की सुबह 10 बजे मीडिया को नीतिगत फैसले की जानकारी देंगे। इस घोषणा पर शेयर बाजार, बैंकिंग सेक्टर, उद्योग जगत और आम ग्राहकों—सभी की नजर रहेगी, क्योंकि इसका सीधा असर लोन, EMI, निवेश और महंगाई के रुझानों पर पड़ता है।

निष्कर्ष
मजबूत GDP और नियंत्रित महंगाई ने आर्थिक मोर्चे पर भारत की स्थिति को मजबूत किया है। ऐसे में MPC की बैठक काफी महत्वपूर्ण हो जाती है। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि आरबीआई इस मजबूत वातावरण में नीति दरों को लेकर क्या निर्णय लेता है।

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