PM Modi–Mark Carney Meet: G-20 मुलाकात के बाद रिश्तों में आई गर्माहट—भारत-कनाडा एक बार फिर दोस्ती की राह पर

दक्षिण अफ्रीका के जोहांसबर्ग में आयोजित G-20 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की मुलाकात द्विपक्षीय रिश्तों में एक अहम मोड़ साबित हो रही है। पिछले कुछ वर्षों से दोनों देशों के संबंध कई उतार-चढ़ाव से गुजर रहे थे, लेकिन हालिया बातचीत के बाद अब संबंधों में सुधार के स्पष्ट संकेत दिखाई दे रहे हैं।

तनाव के बाद पहली सकारात्मक पहल

भारत-कनाडा संबंध बीते समय में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप, सुरक्षा मुद्दों और कूटनीतिक तनाव के कारण काफी कमजोर हो गए थे। व्यापार, शिक्षा और लोगों से लोगों के संबंध भी इस तनाव का असर झेल रहे थे। लेकिन G-20 के दौरान हुई मोदी-कार्नी बैठक को विश्वास बहाली की दिशा में पहला मजबूत कदम माना जा रहा है।

इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने आपसी मुद्दों पर खुले तौर पर बातचीत की और भविष्य की सहयोग योजनाओं को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। भारतीय विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों ने संवाद को संस्थागत रूप देने और गलतफहमियों को कम करने के लिए नियमित वार्ता तंत्र की आवश्यकता पर जोर दिया।

आर्थिक और रणनीतिक सहयोग फिर गति पकड़ने की उम्मीद

कनाडा भारत के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापारिक और रणनीतिक साझेदार है। ऊर्जा, खनिज, शिक्षा, कृषि और टेक्नोलॉजी जैसे कई क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच पहले से ही मजबूत सहयोग रहा है। मुलाकात में दोनों नेताओं ने इन क्षेत्रों में वापस मजबूत साझेदारी शुरू करने पर चर्चा की।

विशेष रूप से—

क्रिटिकल मिनरल्स (Lithium, Nickel आदि) पर सहयोग बढ़ाने,

छात्रों और पेशेवरों की आवाजाही सुगम करने,

रक्षा और साइबर सुरक्षा में तालमेल बढ़ाने,

और व्यापार समझौते को फिर से गति देने पर जोर दिया गया।


यह कदम भारत और कनाडा के आर्थिक रिश्तों को फिर से पटरी पर लाने में अहम भूमिका निभाएगा।

भारतीय समुदाय ने भी जताई उम्मीद

कनाडा में 17 लाख से अधिक भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो दोनों देशों की दोस्ती का सबसे बड़ा पुल माने जाते हैं। मोदी-कार्नी मुलाकात के बाद वहां के भारतीय समुदाय ने भी उम्मीद जताई है कि अब वीज़ा, प्रवासी सुरक्षा और शिक्षा संबंधी मामलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।

कूटनीतिक रिश्तों के लिए नई शुरुआत

विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने का अवसर है। यदि आने वाले महीनों में बातचीत का यह सिलसिला जारी रहता है, तो भारत-कनाडा संबंध फिर से मजबूत विश्वास, सहयोग और पारदर्शिता पर आधारित दोस्ती की दिशा में बढ़ सकते हैं।

कुल मिलाकर, G-20 में हुई यह मुलाकात दोनों देशों के लिए एक नई शुरुआत का संकेत दे रही है—जहां संवाद, सहयोग और आपसी भरोसे के साथ रिश्तों को फिर से मजबूत किया जा सकता है।

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